दिल्ली के 70 विधानसभा सीट के लिए मतदान कल

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Tuesday, December 03, 2013-8:52 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में 70 विधानसभा सीट के लिए कल मतदान होगा। चुनाव को लेकर दिल्ली पुलिस ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिये हैं। दिल्ली  के मुख्यमंत्री बनने लिए इस बार चुनावी मुकाबला बड़ा ही रोचक होने वाला है।

पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला था। इस बार भी ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला होने वाला है। लेकिन इस बार मुकाबला ना केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा बल्कि एक नई पार्टी ‘आप’ से भी होना है। इसके लिए आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर प्रचार कर कई सीटों पर नजारा बदलने वाले है।

जिन सीटों पर कांग्रेस, भाजपा और आप के नेताओं के भाग्य का फैसला बुधवार को इवीएम मशीनों में बंद होगा, उनमें मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र, भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी डॉ. हर्षवर्धन का कृष्णा नगर क्षेत्र, दिल्ली के मंत्री हारुन यूसुफ का बल्ली मारान, रमाकांत गोस्वामी का राजेन्द्र नगर, किरन वालिया का मालवीय नगर, अरविंदर सिंह लवली का गांधी नगर, डॉ. अशोक वालिया का लक्ष्मी नगर और राजकुमार चौहान का मंगोलपुरी क्षेत्र शामिल है।

इसके अलावा भाजपा के नेता रामबीर सिंह बिधूड़ी का बदरपुर, विश्वास नगर से ओपी शर्मा, करोलबाग से एसपी रातावाल, तिमारपुर से प्रो. रजनी अब्बी का तिमारपुर, राजौरी गार्डन से मनजिंदर सिंह सिरसा, कस्तूरबा नगर से शिखा राय, मालवीय नगर से आरती मेहरा आदि प्रमुख हैं। इसके साथ ही नई दिल्ली सीट से आप के नेता अरविंद केजरीवाल , आरके पुरम से शाजिया इल्मी, पटपडग़ंज से मनीष सिसोदिया, बाबरपुर से गोपाय राय आदि भी हैं।

प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया। दूसरी ओर भाजपा के सभी शीर्ष नेताओं ने प्रचार अभियान में भाग लिया। भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेन्द्र मोदी ने कई चुनावी सभाओं को सम्बोधित करते हुए केन्द्र और दिल्ली सरकार की गलत नीतियों पर जमकर निशाना साधा। इसके अलावा भाजपा ने पार्टी के शीर्ष नेता लालकृष्ण अडवानी, अरूण जेटली,  सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी समेत कई नेताओं को प्रचार अभियान में उतारा।

इन नेताओं ने लोगों से कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फैंकने का आह्वान करते हुए पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार किया जबकि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पूरे चुनाव प्रचार के दौरान एकमात्र स्टार प्रचारक बनी रहीं। मुख्यमंत्री  के लिए यह कड़ा चुनावी मुकाबला माना जा रहा है। प्रचार के दौरान भी उन्हें जहां जनता का समर्थन देखने को मिला वहीं कुछ जगहों पर लोगों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा।

इसका मुख्य कारण पिछले दो महीनों के दौरान सब्जियों के दाम लगातार बढऩे को एक मुख्य वजह माना जा रहा है। 15 साल के बाद यह पहला मौका था कि जब दिल्ली में प्याज 80 से 100 रुपये प्रतिकिलो तक बिकी। इसके साथ ही अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने, पेयजल की कमी, बिजली के बढ़ती कीमतें आदि मुद्दों पर दिल्ली सरकार को लोगों के विरोध का सामना करने को मिला।


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