कल फिर होगी तेलंगाना मुद्दे पर मंत्री समूह की बैठक

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Tuesday, December 03, 2013-9:08 PM

नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश के विभाजन से जुडे मुद्दे देखने के लिए बना मंत्री समूह आज अपनी रिपोर्ट और तेलंगाना पर मसौदा विधेयक को अंतिम रूप नहीं दे सका इसके लिए कल फिर बैठक होनी है। इसके बाद ही रिपोर्ट और मसौदा विधेयक को केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा ।

आज बैठक में दोनों ही राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 371-डी के तहत विशेष दर्जा देने के मुद्द् पर चर्चा की गई। हालांकि इसके रिपोर्ट और मसौदा विधेयक को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अधूरी रही । केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, हम कल फिर बैठक करेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और केन्द्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी सहित शीर्ष अधिकारियों ने भी शिरकत की ।

बैठक में एम.एम. पल्लम राजू सहित आंध्र प्रदेश के केन्द्रीय मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिन्दे के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया । उन्होंने राज्य के बंटवारे का विरोध भी किया । सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह संभवत: सिफारिश करेगा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन मसौदा विधेयक का नाम आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना विधेयक रखा जाना चाहिए ताकि संविधान मेें संशोधन से बचा जा सके ।

अनुच्छेद 371 डी को 1973 में 32वें संशोधन के जरिए लाया गया था । यह राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि वह समय- समय पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे लोगों को समान अवसर मुहैया कराने का आदेश जारी करें ।समझा जाता है कि तेलंगाना की सीमाओं को पुन: निर्धारित करने और तेलंगाना में ही रायलसीमा के दो जिलों कुरनूल और अनंतपुर को शामिल करने के प्रस्ताव पर भी मंत्री समूह ने विचार किया।

यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है तो एकीकृत आंध्र प्रदेश का विभाजन समान रूप से किया जाएगा और दोनों ही राज्यों को लोकसभा की इक्कीस इक्कीस सीटें मिलेंगी । दोनों ही राज्यों की विधानसभाओं में से प्रत्येक में 147 सीटें होंगी जबकि विधान परिषद में से प्रत्येक में 45 सीटें होंगी ।


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