अनुच्छेद 370 पर राजनीतिक भूचाल,अब्दुल्ला पर बरसी भाजपा

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Tuesday, December 03, 2013-11:37 PM

नई दिल्ली : भाजपा के प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू की रैली में अनुच्छेद 370 मामला को उठाने से दिल्ली में राजनीतिक भूचाल मच गया। भाजपा जहां इस बयान पर मोदी के पीछे खड़ी है, वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह भाजपा लोगों को गुमराह कर रही है।

भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे पर बहस नहीं की जा सकती। अगर इस पर कोई बहस की जाती है तो यह सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से की जा रही है। कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि भाजपा एक ऐसे मुद्दे पर अनुचित विवाद पैदा कर रही है जो 1947 से बना हुआ है। यह पूरी तरह अनावश्यक है। हालांकि, भाजपा मंगलवार को दिनभर मोदी के बचाव में कांग्रेस और उमर अब्दुल्ला पर हमले करती रही।

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री की टिप्पणी की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने की बजाए उमर अब्दुल्ला राज्य की जनता को बतायें कि उन्हें अधिकारों से क्यों वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि, उमर कहते हैं कि नरेन्द्र मोदी ने जम्मू की रैली में अनुच्छेद 370 पर लोगों को भ्रमित किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सूचना के अधिकार और शिक्षा के अधिकार की बात करती है, लेकिन जम्मू कश्मीर में लोगों को यह अधिकार नहीं है। लड़कियों को दूसरे राज्य में विवाह करने पर स्थायी निवासी के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह सब अनुच्छेद 370 के नाम पर हो रहा है।

उधर  भाजपा के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि क्या यह कोई ऐसी पवित्र पुस्तक है जिस पर कोई बहस नहीं हो सकती? धर्मनिरपेक्षता के झंडाबरदार उस पीड़ा को नहीं समझते जो इस अनुच्छेद ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जनता को पहुंचाई है। अनुच्छेद 370 उनके लिए राजनीतिक सहारा हो गया है।

भाजपा के सुब्रमण्यम स्वामी ने नेशनल कांफें्रस अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री फारुख अब्दुल्ला के इस बयान पर आपत्ति जताई कि मोदी 10 बार भी प्रधानमंत्री बन जाएं तब भी अनुच्छेद 370 को रद्द नहीं कर सकते। मुझे पता नहीं कि फारुख अब्दुल्ला कौन सा संविधान पढ़ रहे हैं। संविधान सुनिश्चित करता है कि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के लिए आपको संसद के वोट की भी जरूरत नहीं। अनुच्छेद को निरस्त करने या रद्द करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचना जारी करना जरूरी है।


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