रोज की तरह नहीं थी मैट्रो में भीड़

  • रोज की तरह नहीं थी मैट्रो में भीड़
You Are HereNational
Thursday, December 05, 2013-1:16 AM

नई दिल्ली (ब्यूरो): मैट्रो में अन्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़ रही। चुनाव की दृष्टि से इसे अच्छा माना जा रहा है। इसके पीछे की एक वजह लोगों का वोटिंग के प्रति अधिक से अधिक रुझान बताया जा रहा है।

अपने अन्य कामों को छोड़ छुट्टी का फायदा उठाकर लोग अपने मत का प्रयोग करने पोङ्क्षलग बूथ पर लगी लाइनों में खड़े दिखे। जिसके चलते यात्रियों की संख्या में कमी देखी गई। हालांकि इसका कुछ खामियाजा मैट्रो को जरूर हुआ है। सुबह 4 बजे से परिचालित की जा रही मैट्रो में करीब 6 बजे के बाद से लोगों की सामान्य आवाजाही शुरू हुई। इससे पहले चुनाव में ड्यूटी करने वाले मात्र कुछ लोग ही मैट्रो में सफर करते दिखे।

चुनाव के चलते फुटपाथों पर दुकानें रहीं बंद: चुनाव के दौरान जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे, वहीं फुटपाथ पर लगने वाली व अन्य दुकानें भी बंद रहीं। लिहाजा राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुबह के वक्त ठंड में रोड पर खड़े पुलिसकर्मियों को चाय तक नसीब नहीं हो पाई। हालांकि कुछ गली-मोहल्लों में दुकानें खुली थीं जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ा। बुधवार को सड़कों पर भी ट्रैफिक कम देखा गया।

सुबह के चक्करों में डी.टी.सी. बसें रहीं खाली:
चुनावों के चलते दिल्ली परिहवन निगम (डी.टी.सी.) द्वारा तड़के 3 बजे से शुरू की गई बस सेवा भले चुनावी ड्यूटी में लगे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में सहायक रही हो लेकिन पहले से ही घाटे में चल रही सार्वजनिक बस सेवा में भी 6 बजे से पहले कई रूटों पर परिचालन सामान्य नहीं हो सका। ऐसे में चालक-परिचालक स्टैंड के अलावा भी मिलती सवारियों को बैठाते नजर आए जिससे कुछ कमाई हो सके। ग्रामीण क्षेत्र नरेला के अलीपुर, नजफगढ़, पालम, किराड़ी, बवाना आदि इलाकों में कुछ ऐसा ही नजारा रहा।

वोटरों ने मुद्दों को दी तरजीह:
इस बार के चुनावों में एक खास बात यह नजर आई कि वोटरों ने मुद्दे के आधार पर अपने मत का प्रयोग किया है। जनकपुरी के सी 4 ई निगम प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ में वोटिंग करने आए स्थानीय निवासी राजेंद्र की मानें तो इस बार उन्होंने पार्टी को न सोचकर मुद्दों के ऊपर अपना वोट डाला है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लोग व दोस्तों ने भी यही कदम उठाया है।


बूथ पर लगे दिशा-निर्देश बने सहायक :
 अलग-अलग इलाकों में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से चुनावों के मद्देनजर की गई तैयारियों से वोटरों को काफी सहायता मिली। जगह-जगह लगाए गए दिशा सूचक बोर्ड व निर्देशों ने वोटरों को पोङ्क्षलग बूथ तक पहुंचाने व प्रक्रिया को समझाने में काफी मदद की। जिससे समय की बचत के साथ लोगों को वोट देने में भी आसानी रही।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You