दिल्ली में सरकार को लेकर अटकलों का दौर

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Thursday, December 05, 2013-1:59 PM

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतदान के बाद विभिन्न एक्जिट पोलों के अनुमानों के बाद अगली सरकार का स्वरुप कैसा होगा इसे लेकर मंथन का दौर जारी है और राजनीतिक पंडित अपने-अपने हिसाब से नई सरकार का खाका खींचने में लगे हुए हैं।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यदि एक्जिट पोल के अनुमान सही उतरते हैं तो नई सरकार को लेकर दो संभावित परि²श्य उभर रहे हैं। पहला तो यह कि सबसे अधिक सीट हासिल करने वाली पार्टी को गठबंधन सरकार बनाने का न्यौता दिया जाए।

जैसा कि एक्जिट पोल के अनुमान हैं उनके अनुसार भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में भाजपा को गठबंधन सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया जा सकता है। किंतु भाजपा यदि अन्य दलों के साथ सरकार गठित करने में कामयाब नहीं होती है तो दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की स्थिति में छह माह के भीतर दोबारा चुनाव कराने होंगे।

मौजूदा दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसम्बर को खत्म हो रहा है और यदि इस तिथि तक नई सरकार का गठन नहीं होता है तो 18 दिसम्बर के बाद से दिल्ली में फिर से चुनाव कराने की जरुरत पड़ेगी।

दिल्ली में इस बार चुनाव मैदान में पूरे दमखम के साथ ताल ठोंक रही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी(आप) पहले ही कह चुकी है कि वह न तो किसी का समर्थन लेगी और न ही किसी को अपना समर्थन देगी। आप का कहना है कि त्रिशंकु विधानसभा आने की स्थिति में वह समर्थन देने की बजाय नये सिरे से चुनाव में जाना पसंद करेगी।

गौरतलब है कि एक्जिट पोल के नतीजों में आप को इतनी सीटें मिलने की बात कही जा रही है कि वह सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


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