‘वन्दे मातरम’ से शुरु हुआ यूपी विधान सभा का शीतकालीन सत्र

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Thursday, December 05, 2013-3:48 PM

 लखनऊ: उत्तर प्रदेश का विधान सभा सत्र शुरु होने से एक दिन पूर्व विपक्षी दलों द्वारा किये गये तमाम बड़े-बड़े दावों कि सत्र में हम कई विषयों को लेकर आक्रामक होंगे, लेकिन गुरुवार को निधन के निर्देश होने के कारण विधानसभा का शीतकालीन लघु सत्र पूर्वाहन्ह 11 बजे शान्तिपूर्वक शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके समाजवादी पार्टी के विधायक राजा राम पांडेय के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी और उसके बाद दो मिनट का मौन रखने के बाद सदन की कार्यवाही नौ दिसम्बर को पूर्वाहन 11बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज पूर्वाहन 11बजे ‘वन्दे मातरम’ से शुरु हुआ। उसके बाद विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने नेता सदन अखिलेश यादव से निधन के निर्देश सदन के पटल पर रखने को कहा। पीठ से मिले निर्देश के बाद मुख्यमंत्री एवं सदन में नेता सदन अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं विधायक राजा राम पांडेय के निधन का प्रस्ताव रखा। यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री राजा राम पांडेय का गत एक नवम्बर को दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया था। वह सबसे अच् छे राजनेता थे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी को काफी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई जल्दी नहीं हो सकेगी। यादव ने कहा कि  पांडेय सौम्य स्वभाव के सरल नेता थे। वह उनके पिता मुलायम सिंह यादव और उनके मंत्रिमंडल में मंत्री रहे। वह राजकीय इंटर कालेज प्रतापगढ़ की प्रबंध समिति में रहे। उनके निधन से बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है जिसकी भरपाई होना मुश्किल है। वह राजा राम पांडेय के निधन से दुखी हैं और उनके परिवार को ईश्वर से इस दुख को सहने की प्रार्थना करते है। उनकी संवेदना पांडेय के परिजनों तक पहुंचा दी जाए।

नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने पांडेय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘राजा राम पांडेय सौम्य स्वभाव के कर्मठ और ईमानदार नेता थे। वह कई सरकारों में मंत्री रहे।  पांडेय सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के साथ समान भाव रखते थे और हमेशा सहायता करने के लिए आगे रहते थे। मौर्य ने अध्यक्ष विधानसभा से आग्रह किया कि उनकी भावना पांडेय के परिवार तक पहुंचा दी जाएं।’ भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह ने कहा, ‘राजा राम पंाडेय बेहद सौम्य नेता थे और वह पार्टी से ऊपर उठ कर काम करते थे। उनका व्यक्तिगत व्यवहार हर सदस्य से अच्छा था। वह सारे लोगों का कार्य करते थे और राजनीतिक प्रतिद्वंदिता बीच में नहीं लाते थे। राजाराम पाण्डेय कल्याण सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव और वर्तमान अखिलेश यादव की सरकारों में मंत्री रहे थे। हमारी संवेदना उनके साथ है, जो उनके परिवार तक पहुंचा दी जाये।’

 राष्ट्रीय लोकदल के नेता दलबीर सिंह ने सदन के सदस्यों से अपने को संबद्ध करते हुए कहा कि विपक्ष और सत्ता दल के सदस्यों के साथ उनका व्यवहार एक सा था। वह किसानों और मजदूरों की आवाज़ हमेशा उठाते थे। उन्होंने इनके अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष किया है। सभी दलों के नेताओं के निधन पर हुए वक्तव्य के बाद विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने अपने को सम्बद्ध किया और राजाराम पाण्डेय के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजाराम पाण्डेय एक सच् चे समाजसेवक और राजनेता थे। उन्होंने गरीबों, दलितों, किसानों और मजदूरों के हितों के लिए हमेशा संघर्ष किया। उनके निधन से हुई क्षति की भरपाई असंभव है। सदन के सदस्यों ने जो भी उनके बारे में श्रद्धांजलि दी है वह उनके परिवार तक पहुंचा दी जाये। इसके बाद पीठ से मिले निर्देश के बाद सदन के सभी सदस्य अपने स्थान पर खड़े हुए और दो मिनट का मौन रखा। साथ ही पीठ ने सदन की कार्रवाई नौ दिसम्बर पूर्वान्ह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
 


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