आज के दौर में एक महिला होना बहुत कठिन है: काजोल

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Thursday, December 05, 2013-5:18 PM

नर्इ दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल का मानना है कि आज के दौर में देश में गिरते लिंगानुपात को देखते हुए किसी पुरूष के लिए जीवन जीना और आगे बढऩा एक महिला की अपेक्षा कहीं ज्यादा आसान हो गया है। 39 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि स्वतंत्रतापूर्ण जीवन जीने में पुरूष हमेशा से ही महिलाओं के लिए मुश्किलें पैदा करते रहे हैं, इसके लिए पुरूषों की मानसिकता को बदलना होगा। काजोल ने ‘बाजीगर’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी कई हिट फिल्में की हैं।

अभिनेत्री दो बच्चों की मां भी हैं, उन्होंने देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर देश की लचर कानून व्यवस्था और अन्य स्थितियों को जिम्मेदार बताया। काजोल ने कहा, ‘‘कानून का क्रियान्वयन जरूरी है लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि क्या स्थानीय पुलिस स्टेशन अपना काम सही से कर रहे हैं या नहीं। कई अवसरों पर हमें यह भी सुनने को मिलता है कि पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं करना चाहती और पीड़िता की मदद की गुहार को अनसुना कर देती है।’’ काजोल यहां राजधानी में वोडाफोन फाउंडेशन की ‘‘वुमन ऑफ प्योर वंडर’’ नामक पुस्तक के विमोचन के मौके पर आई थीं।
 
पुस्तक में 60 असाधारण महिलाओं के अस्तित्व और उनकी सफलता का वृतांत है। इनमें तेजाब हमले की शिकार हुई और जीवित बची लक्ष्मी का भी जीवन वृतांत है। लक्ष्मी सात साल से खुदरा दुकानों पर तेजाब बिक्री को प्रतिबंधित करने के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। वोडाफोन ग्रुप पीएलसी की कार्यकारी अध्यक्ष विटोरी कोलाओ ने कहा, ‘‘हम जिन क्षेत्रों में भी अपने बाजार का संचालन कर रहे हैं वहां महिला सशक्तिकरण एक महत्वपूर्ण विषय है।’’


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