गांगुली जांच मामले में ‘पलायनवादी रवैया’ न अपनाए शीर्ष अदालत :जेटली

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Friday, December 06, 2013-7:56 PM

नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने आज कहा कि न्यायमूर्ति ए के गांगुली के खिलाफ यौन उत्पीडऩ की शिकायत पर उच्चतम न्यायालय ‘‘पलायनवादी रास्ता’’ अख्तियार नहीं कर सकती और उसे इसकी जांच की निगरानी उसी तरह करनी चाहिए जैसे उसने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में की थी। जेटली ने कहा इस मामले की जांच करने से शीर्ष अदालत की ‘‘प्रशासनिक सीमाओं’’ की यह दलील जमी नहीं कि गांगुली उच्चतम न्यायालय से रिटायर हो चुके हैं।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने फेसबुक की अपनी नई पोस्टिंग में आज कहा, ‘‘अगर वह (उच्चतम न्यायालय) अपने पूर्व न्यायाधीश को प्रथम दृष्टया अपराध का दोषी मान सकता है तो वह यह कह कर पलायनवादी रास्ता अख्तियार नहीं कर सकता है कि प्रशासनिक मामला उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।’’ उन्होंने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय यह सुनिश्ति करने के लिए पूरी तरह सक्षम है कि कानून अपना काम करे।

भाजपा नेता ने कहा, उच्चतम न्यायालय के प्रशासनिक फैसले को सभी नागरिक उत्सुकता से देख रहे हैं। क्या अदालत पूर्व न्यायाधीश, जो कि अभी पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष है, से उसी तरह निपटेगी जिस तरह वह किसी अन्य व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति से निपटती जो महान कार्यालय से अभी रिटायर नहीं हुआ है ?


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