नई सरकार के स्वागत में प्लेयर्स बिल्डिंग

  • नई सरकार के स्वागत में प्लेयर्स बिल्डिंग
You Are HereNcr
Saturday, December 07, 2013-1:54 PM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): नई सरकार के स्वागत के लिए प्लेयर्स बिल्डिंग यानी दिल्ली सचिवालय में रिनोवोशन व साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। वहीं सचिवालय में इन दिनों दफ्तरी काम कम और किसकी सरकार बनेगी इस पर चर्चा ज्यादा हो रही है।

सरकार कौन-सी पार्टी बनाएगी, यह चर्चा यहां के गार्ड से लेकर विभाग के प्रमुख तक की जुबान पर है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों के विभाग और कार्यालय सूने पड़े हैं। ब्यूरोक्रेट्स भी असमंजस में हैं कि सरकार किसकी आएगी, ताकि उसी हिसाब से अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर लें।

रिनोवेशन के काम से मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय को दूर रखा गया है। इनके कार्यालयों का रंग-रोगन व रिनोवेशन मुख्यमंत्री व मंत्रियों के पसंद के हिसाब से किया जाएगा। सचिवालय के तीसरे तल पर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में शुक्रवार को चुनाव से पहले जैसी हलचल नहीं दिखी और न स्टॉफ में पहले जैसी फुर्ती थी, न ही अधिकारियों में खास उत्साह।

मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर तैनात गार्ड और स्टॉफ के कर्मचारी ग्रुप बनाकर यही चर्चा करते दिखे कि क्या भाजपा का वनवास खत्म होगा या शीला दीक्षित चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकतर स्टॉफ अपनी सीटों पर नजर नहीं आ रहा था। कुॢसयां खाली पड़ी थीं। ऐसा ही आलम दूसरे तल पर स्थित सामान्य प्रशासन के कार्यालय का था।

5वें तल पर मुख्य सचिव के कार्यालय में जरूर कुछ अधिकारी काम में व्यस्त थे क्योंकि मुख्य सचिव दीपक मोहन सपोलिया अपने ऑफिस में मौजूद थे लेकिन भावी सरकार को लेकर चर्चा यहां भी हो रही थी।  6ठें तल पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया व शहरी विकास मंत्री अरविंदर सिंह लवली का कार्यालय भी सूना पड़ा था। यहां पर स्टाफ के इक्का-दुक्का लोग ही थे।

जो लोग थे उनमें संभावित सरकार को लेकर बातचीत चल रही थी। ऐसा ही आलम शहरी विकास मंत्री के कार्यालय का भी था। 7वीं मंजिल पर लोक निर्माण मंत्री राजकुमार चौहान के कार्यालय में तो नजारा ही दिलचस्प था। मंत्रियों के कार्यालय के बाहर बैठा स्टाफ मजे से नींद ले रहा था। 8वीं मंजिल पर कुछ लोग ऊर्जा मंत्री हारुन यूसुफ के कार्यालय के बाहर साफ-सफाई और रंग-रोगन की योजना बनाते दिखे। ऊर्जा मंत्री के कार्यालय में स्टॉफ नहीं के बराबर था। 9वीं मंजिल पर प्रशासनिक अधिकारियों में भी सरकार को लेकर चर्चा थी।

अधिकतर विभागों के मुखिया यही चर्चा कर रहे थे कि अगर कांग्रेस फिर सत्ता में आई तो प्रोजेक्टों पर चल रहा काम वैसे ही चलता रहेगा लेकिन अगर भाजपा सत्ता में आई तो हो सकता है कि प्रोजैक्टों का काम नए सिरे से शुरू करना पड़े। यहां चर्चा जोरों पर थी कि त्रिशंकु जैसी स्थिति न बन जाए। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You