चौहान को अकेला छोड़ गए समर्थक

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Monday, December 09, 2013-2:35 PM

वेस्ट दिल्ली: सुख के सब साथी, दुख में न कोए। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होते ही कुछ ऐसा ही नजारा द्वारका सैक्टर-3 के एन.एस.आई.टी. मतगणना केन्द्र पर देखने को मिला। सुबह के समय जिसने साथ दिया, शाम होते ही सब साथ छोड़ गए। मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार चौहान अपने दलबल के साथ द्वारका सैक्टर-3 स्थित मतगणना केन्द्र पर पहुंचे।

सुबह के समय समर्थकों द्वारा उनकी जीत का नारा भी लगाया जा रहा था। नेताजी भी जीत के प्रति आश्वस्त होकर, मुस्कुराते मतगणना केन्द्र के अंदर चले गए लेकिन शुरूआती कुछ चरणों को छोड़कर नेताजी के साथ-साथ समर्थकों के चेहरे की खुशी काफूर हो गई।

कारण था नेताजी, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राखी बिराला से कई हजार वोटों से पिछड़ रहे थे। आलम यह रहा कि शाम को जैसे ही राजकुमार चौहान अपनी हार का सर्टिफिकेट लेकर केन्द्र से बाहर  आए, अगुवानी के लिए एक भी समर्थक मौजूद नहीं था।

पूर्व मंत्री ने स्वीकार की हार

विधानसभा परिणामों से पहले शीला सरकार में पी.डब्ल्यू.डी. मंत्री रहे चौहान को मंगोलपुरी से एक तरफा जीत का दावेदार माना जा रहा था। लेकिन भ्रष्टाचार और सुशासन जैसे मुद्दों पर चुनावी अखाड़े में उतरी आम आदमी पार्टी की महिला व युवा उम्मीदवार राखी बिड़ला ने बाजी मार ली।

राजकुमार चौहान ने भी अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि दिल्ली में सत्ता परिवर्तन की लहर थी। इसके अलावा जनता बदलाव चाहती थी। जिसके कारण लोगों ने आप को चुना है। चौहान ने ये भी कहा कि दिल्ली की जनता ने हम पर विश्वास किया था और हमने उसके बदले पिछले 20 सालों में जमकर विकास किया था लेकिन अब बिजली, पानी सस्ता देने के चक्कर में दिल्ली में विकास की रफ्तार थम जाएगी।

मंगोलपुरी विधानसभा को कांग्रेस का चुनावी गढ़ माना जाता रहा है। आप की झाड़ू की सफाई में चौहान अपने ही गढ़ में हार गए। इस सीट से पिछले 4 चुनावों में कांग्रेस के  टिकट पर राजकुमार चौहान जीतते चले आ रहे थे और पिछले चुनावों में 29863 वोटो से जीत दर्ज की थी।
 


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