भाजपा को समर्थन देने का सवाल ही नहीं: AAP

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Tuesday, December 10, 2013-5:32 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में किसकी और कैसे सरकार बने, इसे लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इस बीच आप नेता प्रशांत भूषण ने एक न्यूज चैनल पर बीजेपी को सशर्त समर्थन देने की बात कहकर सियासी भूचाल ला दिया। उन्होंने कहा, 'अगर बीजेपी हमें लिखित में दे कि वो 29 दिसंबर तक जनलोकपाल बिल पास कर देंगे और इसके साथ दिल्ली में जनसभा का गठन होगा, तो हम उस स्थिति में उन्हें समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं।' लेकिन इस इंटरव्यू में उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह उनकी निजी राय है इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।

इस बीच बीजेपी सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि आप द्वारा आधिकारिक प्रस्ताव मिलने पर पार्टी उस पर विचार कर सकती है, प्रशांत भूषण के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा सकता। दिल्ली में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हर्षवर्धन ने कहा कि हम भी भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली चाहते हैं। हम भी जनलोकपाल पास कराना चाहते हैं।

जैसे ही प्रशांत भूषण का बयान मीडिया में गर्माया, सियासी हलचल तेज हो गई। आम आदमी पार्टी ने अपने नेता के इस बयान से किनारा कर लिया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता ने सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया इसलिए पार्टी ने तय किया है कि हम विपक्ष में बैठेंगे। किसी से समर्थन न लेना है और न देना है। ऐसे में दोबारा चुनाव के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

प्रशांत भूषण के बयान पर विवाद बढ़ता देख उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि बीजेपी को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वह तो सिर्फ एक संभावना आधारित सवाल का जवाब दे रहे थे। जबकि वे जानते हैं किभाजपा कभी आप की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकती और न ही दिल्ली के वोटरों को आप द्वारा किए गए वादों को कभी पूरा ही कर सकती है। इसलिए समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता।

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