4 महिला नेताओं को पवित्रा की हाय ले डूबी

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Tuesday, December 10, 2013-1:53 PM

नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र): अंबेडकर कालेज की लैब असिस्टैंट पवित्रा भारद्वाज के मामले को दबाने वाली चारों महिला नेता बुरी तरह से हार गई हैं। अंबेडकर कालेज के अंदर आजकल यह चर्चा आम है कि पवित्रा द्वारा दी गई बददुओं का ही नतीजा है कि उस मामले में शामिल एक भी महिला चुनाव नहीं जीत पाई।

वहीं पवित्रा आत्मदाह के बाद न्याय दिलाने की लड़ाई में शामिल होने वाले अरविंद केजरीवाल और उनके कई साथी चुनाव
जीत गई।  अंबेडकर कालेज में लैब असिस्टेंट रहीं पवित्रा भारद्वाज ने अपने ही कालेज के प्रींसिपल जीके अरोड़ा पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर प्रींसिपल ने पवित्रा पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें कालेज से निलंबित कर दिया गया था।

प्रींसिपल की इसी मनमानी के खिलाफ पवित्रा लगातार लड़ाई लड़ रही थी। पवित्रा ने इस मामले में न्याय मांगने के लिए सबसे पहले दिल्ली सरकार की मंत्री रहीं डाक्टर किरन वालिया के यहां गुहार लगाई। लेकिन किरन वालिया ने पवित्रा की मदद करने के बजाय उसके मामले को दिल्ली विश्व विद्यालय समिति को भेज दिया।

इसके बाद मंत्री ने पवित्रा से मिलने से इंकार कर दिया था। इन चुनावों के दौरान किरन वालिया बुरी तरह से चुनाव हार गई हैं। पवित्रा अपने मामले को लेकर दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष बरखा सिंह के पास भी गई थीं। बरखा सिंह ने भी पवित्रा की कोई मदद नहीं की।

इस बार बरखा सिंह भी आरके पुरम से चुनाव हार गई हैं। हार कर पवित्रा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पास भी गईं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि शीला दीक्षित ने पवित्रा से मिलने से इंकार कर दिया। हार कर पवित्रा ने 30 सितम्बर 2013 को दिल्ली सचिवालय के गेट नंबर-6 के सामने आत्मदाह कर लिया था।

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा पर भी छींटे आए थे। राजस्थान चुनाव में ममता शर्मा भी बुरी तरह से हार गई हैं। अंबेडकर कालेज में पवित्रा के दोषियों का बचाव करने वाली सभी महिलाओं की हार पर कालेज में भी खुशी का माहौल है। 


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