केन्द्र और राज्य सीबीआई अदालतों को क्रियाशील बनायें: SC

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Tuesday, December 10, 2013-6:45 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने नेताओं और लोक सेवकों से संबंधित भ्रष्टाचार के मुकदमों की सुनवाई के लिए देश में सीबीआई की सभी 22 विशेष अदालतों को चार महीने के भीतर क्रियाशील बनाने का निर्देश आज केन्द्र और राज्यों को दिया। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि इस आदेश पर अमल करने में विफल रहने पर मुख्य सचिवों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जायेगी।

न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की खंडपीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुकदमों के तेजी से निबटारे के लिए सीबीआई की ये अदालतें बहुत जरूरी है। न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें सीबीआई की सभी अदालतों को क्रियाशील बनाएं। यदि चार महीने के भीतर इस पर अमल नहीं हुआ तो मुख्य सचिवों पर न्यायालय की अवमानना कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी।’’

न्यायालय ने कहा कि इन अदालतों की स्थापना से न्याय के प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास बहाल हुआ है। शीर्ष अदालत ने इससे पहले तमाम आदेशों के बावजूद विशेष अदालतें स्थापित करने में केन्द्र सरकार की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की थी। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकारियों के स्पष्टीकरण पर असंतोष व्यक्त करते हुए 30 जनवरी को केन्द्र सरकार को निर्देश दिया था कि दो महीने के भीतर देश में सीबीआई की 22 विशेष अदालतें स्थापित की जायें।

न्यायाधीशों ने कहा था, ‘‘हम 2011 से ही आदेश पर आदेश दे रहे हैं लेकिन हर बार आप किसी न किसी नये स्पष्टीकरण के साथ आते हैं। यदि आप चाहें तो एक घंटे के भीतर आप इसे कर सकते हैं।’’ न्यायालय ने इससे पहले जुलाई 2009 में अतिरिक्त विशेष अदालतों के सृजन के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र का संज्ञान लिया था।


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