बड़े पैमाने पर हो रहा है मानवाधिकारों का उल्लंघन: अंसारी

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Tuesday, December 10, 2013-7:45 PM

नई दिल्ली: देश में ‘बड़े पैमाने’ पर मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता जताते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने आज कहा कि आधिकारिक एजेंसियों द्वारा पेश की जाने वाली तस्वीर और जमीनी हकीकत में अंतर है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। धर्म, जाति, भाषा, नैतिकता, नस्ल, काम, जन्म और आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव अब भी जारी है। ये उल्लंघन राज्य एजेंसियों, लोगों और समूहों द्वारा अधिकार नहीं देने से संबंधित है। कमजोर पक्ष हमेशा पीड़ित होता है। वह मानवाधिकार आयोग द्वारा मानवाधिकार दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान दे रहे थे।

अंसारी ने कहा कि आधिकारिक एजेंसियां जो तस्वीर पेश करती हैं और जमीनी स्तर पर जो स्थिति मानी जाती है, उसमें अंतर है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश मानवाधिकारों के संरक्षण और बढ़ावे को अपनी जिम्मेदारी मानता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से जुड़े कुछ मानवाधिकार संबंधी मुद्दों पर आत्मनिरीक्षण की जरूरत है।

अंसारी ने कहा कि हमें नागरिकों को प्रभावित करने वाले मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर आत्मनिरीक्षण की जरूरत है। हम इस तथ्य पर गर्व महसूस करते हैं कि हमने मानवाधिकारों के संरक्षण और उन्हें बढ़ावा देने के लिए जरूरी बौद्धिक, कानूनी और संस्थागत ढांचे को राष्ट्रीय जिम्मेदारी के तौर पर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की संकल्पना पर पारंपरिक रूख की समीक्षा की जरूरत है।


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