दागी सांसद, विधायकों के विरुद्ध मामलों की मानीटरिंगं की मांग

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Wednesday, December 11, 2013-8:30 PM

इलाहाबाद: इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रदेश के दागी 32 सांसदों, 189 विधायकों और 22 एमएलसी के खिलाफ विचाराधीन आपराधिक मामलों के त्वरित विचारण सहित मानीटरिंग करने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई 18 दिसम्बर को होगी। अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता की जनहित याचिका की सुनवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई.चन्द्रचूड तथा न्यायमूर्ति संजय मिश्र की खंडपीठ कर रही है।

याची अधिवक्ता प्रदीप कुमार का कहना है कि अपराधी और माफिया राजनीति में दखल दे रहे हैं। सांसदों, विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोपों में दशकों से मुकदमें विचाराधीन है। याचिका में ऐसे सांसदों, विधायकों का आपराधिक रिकार्ड मंगाये जाने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सपा के 111, बसपा के 29, भाजपा के 25, कांग्रेस के 13, आरएलडी के दो आईएनडी के पांच, पीस पार्टी के दो, कौमी एकता का एक, और अन्य एक विधायक के विरद्ध आपराधिक मुकदमा विचाराधीन है।

जिनका विचारण लम्बे समय से लटका हुआ है1 प्रदेश के महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति की और कहा कि यह राज्य सरकार का अधिकार है जिस पर वह नियमानुसार कार्रवाई करेगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाए कि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मामले की शीघ्र सुनवाई कीव्यवस्था की गयी है।

बहुत से आरोपी ऐसे हैं जो जमानत न मिल पाने के कारण जेलों में बंद है। उनके मुकदमें भी जल्दी सुने जाने चाहिए। सवाल उठ सकता है कि सांसदों और विधायकों के मुकदमे की सुनवाई होने के कारण जेलों में बंद लोग नहीं सुने जा रहे हैं। याची अधिवक्ता ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने भी इसी बारे में आदेश दिए हैं जिसका अध्ययन कर लिया जाए। अदालत याचिका की सुनवाई 18 दिसम्बर को होगी।


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