सरकार लोकतंत्र से धोखा कर रही है : हजारे

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Thursday, December 12, 2013-8:41 PM

रालेगण सिद्धि : जनलोकपाल विधेयक पारित करने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से अनशन कर रहे अन्ना हजारे ने आज प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सरकार के रूख को ‘‘लोकतंत्र के साथ धोखा’’ करार दिया क्योंकि यह संसद के एजेंडे तक में शामिल नहीं है।  पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी को संबोधित पत्र में हजारे ने कहा, ‘‘विधेयक पर सरकार का रूख काफी गैर जिम्मेदाराना है और यह लोकतंत्र के साथ धोखा है।’’

 उन्होंने घोषणा की, ‘‘विधेयक पारित होने तक मैं अपना अनशन नहीं तोड़ूंगा। मैं देश के लिए कुर्बानी देने को तैयार हूं।’’ भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता का पत्र उस दिन आया है जब संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार राज्यसभा में कल लोकपाल विधेयक को पेश करेगी क्योंकि यह इसकी ‘‘प्राथमिकता’’ है। नाथ ने दिल्ली में रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता लोकपाल विधेयक है। लोकपाल विधेयक को राज्यसभा में लाया जाना है और फिर यह लोकसभा में आएगा।’’ उन्होंने इन खबरों से इंकार किया कि सरकार शुक्रवार तक संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बारे में सोच रही है।

हजारे ने पत्र में लिखा है, ‘‘संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है और विधेयक एजेंडा में नहीं है। इसका स्पष्ट मतलब है कि सरकार मुझसे और देश के लोगों से छल कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके छल के कारण ही लोगों ने चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में आपको सबक सिखाया।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वर्तमान सत्र में विधेयक नहीं लाया गया तो लोग लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस और संप्रग सरकार को सबक सिखाएंगे। नारायणसामी द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता से अनशन खत्म करने की अपील के तुरंत बाद हजारे का पत्र आया है।

 

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