क्रासवर्ड क्विज सीबीएसई के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा

  • क्रासवर्ड क्विज सीबीएसई के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा
You Are HereNational
Saturday, December 14, 2013-3:50 PM

नई दिल्ली: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोड (सीबीएसई) के स्कूलों के पाठ्यक्रमों में क्रासवर्ड क्विज को भी शामिल किया जाएगा। सीबीएसई के अध्यक्ष विनीत जोशी ने आज यहां अखिल भारतीय अन्त स्कूल क्रासवर्ड प्रतियोगिता 2013 समारोह की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। विश्व में (क्रासवर्ड क्विज) की शुरूआत के इस वर्ष 100 सौ साल पूरे हो रहे हैं।

सीबीएसई 2013 को (क्रासवर्ड वर्ष) घोषित किया है। न्यूयार्क वर्ल्ड अखबार में 21 दिसंबर 1913 में पहली बार आर्थरवाइन ने यह क्विज प्रकाशित किया था। यह क्विज इतना लोकप्रिय होने लगा कि दुनियाभर में अखबारों में यह प्रकाशित होने लगा। भारत के द हिन्दू टाइस ऑफ इंडिया ने भी इसका प्रकाशन शुरू किया। स्कूली छात्रों के बीच लोकप्रिय होने वाला यह पहला (क्विज) था। जोशी ने कहा कि यह सीबीएसई के लिए गौरव का विषय है कि उसने यह प्रतियोगिता शुरू की है।

स्कूली शिक्षा में सुधार लाने के लिए हमने छात्रों के बीच इस क्विज को बढावा दिया है, ताकि छात्र अपना अंग्रेजी शब्द कोश मजबूत कर सके और इस तरह किताबों की दुनिया से बाहर भी छात्र ज्ञान अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षकों ने इस क्विज को अपनाने की पहल शुरू कर दी है। इस प्रतियोगिता के प्रायोजकों में बिहार की (सुधा डेयरी) भी है जो मदर डेयरी की तरह राज्य में लोकप्रिय ब्रांड है।

बिहार के कृषि सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा यह ऐतिहासिक दिन है कि सुधा डेयरी ने इस प्रतियोगिता को प्रायोजित किया है। आप जानते है कि दुध से बच्चों का मस्तिष्क विकसित होता है और यह वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध है। क्रासवर्ड वर्ड क्विज से छात्रों का न केवल शब्दकोष बढता है, बल्कि उनकी स्मरण, शक्ति तथा तर्कशक्ति भी बढती है। इतना ही नहीं बच्चे जीवन में चुनौतियों का मुकाबला करना सीखते है और उनमें धैर्य शक्ति भी बढती है। सीबीएसई ने (क्रासवर्ड) क्विज प्रतियोगिता की शुरूआत इस वर्ष फरवरी से अप्रैल तक स्कूलों में की थी।

इसके बाद जुलाई से नवबर तक शहरों में यह क्विज हुआ। इस प्रतियोगिता का अन्तिम चरण 14 दिसंबर को हुआ जिसमें दिल्ली, शिमला, पटना, लखनऊ, रांची, वाराणसी, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई तथा हैदराबाद एवं बेंगलूर, सूरत एवं जमू के स्कूली छात्रों ने भाग लिया। कुल 32 स्कूलों के 64 छात्रों में से आज तीन स्कूलों के छह बच्चे विजेता घोषित किए। विजेता छात्रों को शील्ड पदक तथा प्रमाणपत्र वितरित किए गए।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You