जनता की राय के बाद होगा फैसला : केजरीवाल

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Tuesday, December 17, 2013-10:26 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस और भाजपा को कोसते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में सरकार बनाने से पूर्व पार्टी जनता से उसकी राय लेगी और इस संबंध में अंतिम फैसला सोमवार को लिया जाएगा। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर ऊहापोह में फंसी आप ने अपने-अपने विधायकों की बैठक में इस बारे में व्यापक चर्चा की।

बैठक के बाद प्रैस कांफ्रैं स में केजरीवाल ने कहा कि सरकार गठन के मुद्दे पर हम पहले आम जनता के बीच जाएंगे और उसके साथ रायशुमारी की जाएगी। दिल्ली के 25 लाख लोगों को चिट्ठी लिखकर उसकी राय मांगी जाएगी। इसके अलावा फोन और एस.एम.एस. पर भी राय ली जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि अगर जनता ने सरकार बनाने की मंजूरी दी तो हम सरकार बनाएंगे।

केजरीवाल ने कहा कि हमारे सामने इस समय धर्म संकट बना हुआ है जिसका समाधान सोमवार तक हो जाएगा। कांग्रेस को एक शातिर पार्टी बताते हुए आप के संयोजक ने कहा कि मुद्दों के समर्थन पर पार्टी चुप है। कांग्रेस ने आप को सरकार बनाने में समर्थन देने की बात कही है लेकिन उसको भेजे गए पत्र में लिखे 18 मुद्दों में से 16 मुद्दों को उसने प्रशासनिक बताया है। केवल उसमें 2 मुद्दों पर समर्थन देने के लिए तैयार है। केजरीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि भाजपा ने आप के पत्र का जवाब ही नहीं दिया। खबर है कि वह जवाब देगी ही नहीं। वास्तव में भाजपा गंदी राजनीति कर रही है।

बिजली-पानी के मुद्दे पर ब्ल्यू प्रिंट तैयार
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर पर आज हुई पार्टी की बैठक में सरकार बनाने को लेकर हुई लम्बी जद्दोजहद के बाद एक ब्ल्यू प्रिंट भी तैयार किया गया है। सूत्रों के अनुसार इस ब्ल्यू प्रिंट में एस.एम.एस. के जरिए आम जनता की राय जानने और फिर सरकार के गठन के अलावा राजधानी दिल्ली के 2 अहम मुद्दों बिजली और पानी को लेकर ‘आप’ द्वारा की गई घोषण को मूर्त रूप देने का खाका तैयार किया गया है।

आप नेता रविवार तक एस.एम.एस. अभियान चलाएंगे जिसके पश्चात सोमवार को सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि आप नेताओं का मानना है कि जिस प्रकार भाजपा वाजपेयी सरकार की 13 दिन, 13 महीने और फिर 5 साल की उपलब्धियों का बयान कर रही है, उसी तर्ज पर ‘आप’ अपने अल्पकाल के दौरान उठाए गए संवेदनशील मुद्दों पर काम करके लोकसभा चुनावों में जनता के बीच जाएगी।

केजरीवाल का मास्टर प्लान
अरविंद केजरीवाल को यह पता है कि अगर इस समय ‘आप’ सरकार नहीं बनाती है तो लोकसभा चुनाव में आम जनता उन्हें उतनी अहमीयत नहीं देगी। इसके विपरीत अगर सरकार बनती है तो उसके पास 6 महीने का ही समय रहेगा क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव उसके बाद ही पेश होगा। केजरीवाल जानते हैं कि जनसमर्थन से बनी सरकार होने के कारण उन पर दबाव कम रहेगा और सरकार गिरने पर वह दोबारा जनता के बीच जाकर कह सकेंगे कि देखो हमने इतने कम समय में कितना कुछ कर दिया है।


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