जानिए आप की शर्तों पर कांग्रेस का जवाब

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Wednesday, December 18, 2013-1:50 AM

जालंधर (बाली) : क्या ये शर्तें पूरी करने के लिए AAP को वाकई समर्थन की जरूरत है, जानिए कांग्रेस क्या कहती है इन शर्तों पर

1. सवाल : कोई भी विधायक या मंत्री लाल बत्ती की गाड़ी, बंगले या स्पेशल सिक्योरिटी नहीं लेगा। विधायक और पार्षद फंड बंद करके पैसा मोहल्ला सभाओं को देंगे।

जवाब : विधायक, मंत्रियों को लाल बत्ती नहीं दी जा सकती। मंत्री बंगले और स्पेशल सिक्योरिटी खुद छोड़ सकते हैं। भागीदारी के तहत जारी फंड को लेकर मोहल्ला सभाओं में जबरदस्त टकराव होता है। नई व्यवस्था से झगड़े बढ़ सकते हैं।

2. सवाल : रामलीला मैदान में विधानसभा सत्र बुलाकर दिल्ली का जनलोकपाल बिल पास करेंगे।

जवाब : दिल्ली में लोकायुक्त है। इसमें संशोधन करके मजबूत लोकपाल के लिए कांग्रेस साथ दे रही है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक कोई भी बिल विधानसभा में ही पास किया जा सकता है।

3. सवाल : मोहल्ले, कॉलोनी ओर गलियों के फैसले का अधिकार सीधे जनता को मिले। ऐसी व्यवस्था के लिए 'आप' स्वराज कानून लाना चाहेगी।

जवाब : कानून लाने के विधानसभा में समर्थन की जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस ने साथ देने की बात कही है।

4. सवाल : दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले। डीडीए और पुलिस पर केंद्र का नियंत्रण खत्म हो।

जवाब : इस मुद्दे पर 'आप' को कांग्रेस विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। यह मामला केंद्र के अधीन है। कांग्रेस का मत है कि वह इस मुद्दे पर 'आप' को समर्थन देगी।

5. सवाल :
बिजली कंपनियों के ऑडिट के बाद बिजली की दरें तय हों। ऑडिट से इनकार पर लाइसेंस कैंसल किया जाए।

जवाब : ऑडिट के लिए विधानसभा में जाने की जरूरत नहीं। सरकार खुद ऐसा करा सकेगी। कांग्रेस ने भी कहा है कि अगर उन्हें जांच करानी है तो कराएं।

6. सवाल : बिजली मीटर तेज चलते मिले, तो बिजली कंपनियों से जनता का पैसा वापस लिया जाएगा।

जवाब : मीटरों की जांच के आदेश किसी के सहयोग के बिना खुद सरकार दे सकती है।

7. सवाल : रोजाना 700 लीटर पानी मुफ्त दिया जाएगा।

जवाब :
'आप' ने कैटिगरी का जिक्र नहीं किया है। जो लोग पानी का बिल दे सकते हैं, उन्हें भी मुफ्त पानी दिया गया, तो विवाद हो सकता है। सबसे बड़ा मुद्दा है कि बिल में 60 फीसदी सीवर चार्ज व सर्विस चार्ज का। ये न हों तो 1 हजार लीटर पानी कुल 24 रुपये का ही पड़े।

8. सवाल : अनधिकृत कॉलोनियां एक साल में नियमित हों।

जवाब :
अवैध कॉलोनियों तब तक नियमित नहीं मानी जाएंगी, जब तक उनके लेआउट प्लान न बनें और नक्शे पास न हों। यह काम एक साल में नहीं हो सकता। कांग्रेस ने 895 कॉलोनियां नियमित की थीं, लेकिन अब भी उनमें नक्शे पास नहीं होते।

9. सवाल : झुग्गीवालों को आसान शर्तों पर पक्के मकान दिए जाएं। मकान मिलने तक झुग्गियां तोड़ी न जाएं।

जवाब : इसके लिए सरकार को विधानसभा में समर्थन की जरूरत नहीं। वह खुद निर्माण करा सकती है। कांग्रेस का भी यही कहना है।

10. सवाल : आम आदमी पार्टी ठेकेदारी प्रथा बंद करके सभी कर्मचारियों को नियमित करना चाहती है।

जवाब : ठेकेदारी प्रथा खत्म करके सभी को स्थायी नौकरी देने के लिए किसी भी पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं। दिल्ली कैबिनेट यह फैसला ले सकेगी।

11. सवाल : वैट को सरल बनाकर दरों की समीक्षा की जाएगी। औद्योगिक इलाकों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

जवाब : वैट को सरल बनाने और औद्योगिक इलाकों में मूलभूत सुविधाएं देने का फैसला सरकार खुद ले सकती हैं। कांग्रेस का भी कहना है कि इसके लिए विधानसभा में समर्थन लेने की जरूरत नहीं है।

12. सवाल : 'आप' दिल्ली में रीटेल में एफडीआई के खिलाफ है। क्या कांग्रेस और बीजेपी इसका समर्थन करेंगी?

जवाब : रीटेल में एफडीआई लागू करने का फैसला केंद्र ने राज्यों पर छोड़ा हुआ है। दिल्ली ने इसे लागू करने का ऐलान किया था। सरकार बनाने के बाद इसका फैसला 'आप' का होगा।

13. सवाल : ग्राम सभा की मंजूरी के बिना गांवों की जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। लालडोरा इलाका बढ़ाया जाएगा।

जवाब : लाल डोरा बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण के लिए वे खुद प्रशासनिक कदम उठा सकते हैं। इसके लिए भी विधानसभा में किसी से समर्थन लेने की जरूरत नहीं।

14. सवाल : प्राइवेट स्कूलों में डोनेशन सिस्टम बंद करके फीस तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी।

जवाब : प्राइवेट स्कूलों में डोनेशन बंद करने और नए स्कूल खोलने का काम शिक्षा मंत्री और कैबिनेट लेवल पर किया जा सकता है। कांग्रेस ने भी यही कहा है।

15. सवाल : सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों से भी बेहतर इलाज के इंतजाम होंगे। नए सरकारी अस्पताल खुलेंगे।

जवाब : सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज और नए अस्पताल में रुकावट डालकर कोई भी पार्टी अपना नुकसान क्यों करेगी। यह काम सरकार अपने स्तर पर कर सकती है।

16. सवाल : महिला सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स बनेगी। महिला उत्पीड़न केसों में जल्द फैसले के लिए पर्याप्त कोर्ट हों।

जवाब : स्पेशल ग्रुप, नए कोर्ट और जजों की नियुक्ति का काम सरकार किसी के समर्थन के बिना कर सकती है। ये प्रशासनिक मामले हैं।

17. सवाल : जुडिशरी में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जल्द फैसलों के लिए जजों की नियुक्ति होगी।

जवाब : ये फैसले प्रशासनिक लेवल पर किए जाएंगे। इसमें विधायकों के समर्थन की कोई जरूरत नहीं।

18. सवाल :
कई प्रस्ताव एमसीडी के जरिए लागू होंगे। वहां बीजेपी का राज है, तो क्या बीजेपी 'आप' को सहयोग करेगी?

जवाब : एमसीडी केंद्रीय गृह मंत्रालय और डायरेक्टर, लोकल बॉडीज के तालमेल से चलती है। दिल्ली सरकार कोई सिफारिश करेगी तो उस पर केंद्र फैसला लेगा।


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