फतवा: लिव इन रिलेशन में रहने वालों के बच्चे कहलाएंगे हराम

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Thursday, December 19, 2013-4:03 PM

बरेली: उत्तर प्रदेश में बरेली स्थित दरगाह ए आला हजरत से सह जीवन लिव इन रिलेशन और समलैंगिकता के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। इस संबंध में दरगाह से जुड़े मरकजी दारू ल इफ्ता के मुफ्ती मोहम्मद अफजाल रजवी ने अखलाक अहमद सिद्दीकी नूरी नामक व्यक्ति के सवाल पर शरीयत का जिक्र करते हुए जारी किए गए फतवे में लिव इन रिलेशन और समलैंगिक संबंधों को हराम करार दिया है।

समलैंगिक संबंधों को हराम बताते हुए फतवे में दो हदीसों का हवाला दिया गया है। फतवे में कहा गया है कि समलैंगिकता को शरीयत में 'हमजिंसी हराम-ओ-फाई' कहा गया है और इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं दी गई है। महिला और पुरूष के लिव इन रिलेशनशिप के बारे में फतवे में कहा गया है कि बिना शादी किये साथ रहना और शारीरिक संबंध अथवा संतनोत्पत्ति के लिए संबंध बनाना हराम है। शरीयत के मुताबिक ऐसे संबंध से उत्पन्न बच्चों भी हराम कहलाएंगे।


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