संसद के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र ने उठाए कई सवाल

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Saturday, December 21, 2013-6:41 PM

नई दिल्ली: भ्रष्टाचार विरोधी विधेयकों को पारित करने के लिए राहुल गांधी के संसद के शीतकालीन सत्र का विस्तार करने का आह्वान करने के कुछ ही मिनट बाद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की सत्रावसान करने की घोषणा से कई सवाल पैदा होते हैं। यहां तक कि सरकार ने संकेत दिए हैं कि जनवरी में सदन दोबारा बहाल हो सकते हैं।

अपनी पहचान जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर एक सांसद ने कहा, ‘‘जब सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की गई तब मैं हैरत में पड़ गया। यद्यपि समय से पहले कार्यवाही स्थगित किए जाने के संकेत थे, फिर भी लोकपाल विधेयक के पारित होने और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के यह कहने के बाद कि और विधेयक पारित किए जाएंगे, हम वास्तव में यह उम्मीद नहीं कर रहे थे कि संसद की कार्यवाही दो दिन पहले खत्म कर दी जाएगी।’’ लेकिन कुछ अन्य ऐसे भी हैं जिनके लिए यह आश्चर्यजनक नहीं है।

सिक्किम डेमोक्रैट फ्रंट के सांसद पी.डी. राय ने कहा, ‘‘सदस्य इससे वाकिफ थे किसी भी सूरत में सदन चल नहीं रहा था और हर किसी के लिए शर्मनाक हो रहा था, और अविश्वास प्रस्ताव भी लंबित था।’’ उन्होंने हालांकि राहुल गांधी के बयान पर ताना कसते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी जो सोचते हैं, जो आदमी उनका भाषण लिखता है और कमलनाथ (संसदीय कार्यमंत्री) जो कहते हैं उसमें कोई तालमेल नहीं है।’’ कांग्रेस ने कहा है कि बार-बार बाधा पडऩे के कारण सरकार ने सदन की कार्यवाही स्थगित की है। पार्टी के प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा, ‘‘जब सदन की कार्यवाही चलने नहीं दी जाए तो संसद सत्र का क्या औचित्य रह जाता है। यहां तक कि लोकपाल जैसा विधेयक भी हंगामे में पारित हुआ।’’
(आईएएनएस)


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