यूपी में दंगों के बाद अब जाटों को रिझाने की कवायद

  • यूपी में दंगों के बाद अब जाटों को रिझाने की कवायद
You Are HereNational
Sunday, December 22, 2013-2:22 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के आसपास के क्षेत्रों में हाल में हुए साम्प्रदायिक दंगों के बाद उपजी राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जाटों को आकर्षित करने में लग गए हैं। राज्य के पश्चिमी जिलों में जाटों की आबादी करीब 15 फीसदी है और यह आबादी उम्मीदवारों को जिताने या हराने में बड़ी भूमिका निभाती है। जाट राष्ट्रीय लोकदल का पारम्परिक वोट बैंक माना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह से जाट भावनात्मक लगाव रखता है। दिवंगत चरण सिंह भी जाट बिरादरी से आते हैं। उनसे भावनात्मक लगाव होने के कारण यह बिरादरी चौ. अजित सिंह के साथ जुड़ गई। चौ. अजित सिंह पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह के पुत्र हैं। सपा ने चौ. चरण सिंह से जाटों के भावनात्मक लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिवस 23 दिसम्बर को राज्य सरकार ने सरकारी अवकाश घोषित कर दिया।

अखिलेश यादव सरकार ने चौ. चरण सिंह की जयन्ती पर सरकारी अवकाश घोषित कर जाटों के साथ साथ किसानों को भी साधने की कोशिश की है क्योंकि चौ. चरण सिंह किसानों के मसीहा माने जाते हैं।  राज्य के पश्चिमी इलाकों में हुए दंगों के बाद जाट और मुसलमान समीकरण बिगड़ा है। दोनों अभी तक आमतौर पर एकजुट होकर मतदान करते थे लेकिन माना जा रहा है कि दंगों ने दोनों में दूरियां बढाई हैं और इसका लाभ हर दल लेने में जुट गया है। कांग्रेस ने केन्द्रीय नौकरियों में जाटों को आरक्षण की घोषणा कर इस जुझारु वर्ग को आकॢषत करने की कोशिश की है। कांग्रेस इसमें कितनी सफल होती है यह तो समय ही बतायेगा। भाजपा ने अब यह कहना शुरु कर दिया है कि पार्टी नेता रहे दिवंगत राम प्रकाश गुप्त ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में ही जाटों को आरक्षण दे दिया था।

भाजपा का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने चौ. चरण सिंह के जन्मदिन को किसान दिवस के रुप में मनाने का शासनादेश जारी किया था। दूसरी ओर राजनीतिक दल अपने अपने तर्क रख रहे हैं। सपा के प्रवक्ता और कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी का कहना है कि सपाध्यक्ष मुलायम सिंह यादव चौ. चरण सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। इसीलिए सपा किसानों को अपने एजेण्डे में सबसे ऊपर रखती है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि राजनीतिक कारणों से चौ. चरण सिंह के जन्मदिवस पर सरकारी छुट्टी घोषित की गई। किसानो को सबसे ऊपर मानने वाले चौ. चरण सिंह के जन्मदिवस की छुट्टी उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास है और उन्हें एक सच्ची श्रद्धांजलि है।





 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You