समलैंगिक मुद्दे पर एनजीओ ने दाखिल किया पुनर्विचार याचिका

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Tuesday, December 24, 2013-5:29 PM

नई दिल्ली: 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जिस चार साल पुराने फैसले को जायज बताते हुए समलैंगिकता को अपराध बताया था, इसी फैसले के खिलाफ एक एनजीओ ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए धारा 377 को जायज बताया था और कहा था कि सहमति से बनाया गया समलैंगिक संबंध अपराध  है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ  कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को एक एनजीओ  ‘द नाज फाउंडेशन’ ने  पुनर्विचार  याचिका दाखिल कर दी है। यह एनजीओ एचआईवी एड्स की रोकथाम के लिए काम करता है। इसने अपने याचिका में लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कई गलतियां हैं, जिसपर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

याचिका में इस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। इसमें लिखा है, कि यह फैसला यौन रुझान और लैंगिक पहचान के विदेशी न्याय और मानवाधिकार के अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ  है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से संबंध बनाने वाले लेस्बियन, गे, बायसेक्शुअल और ट्रांसजेंडर लोगों के साथ अन्याय हुआ है।

 


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