बस्तर में नक्सली अपने कैडर की मजबूती पर दे रहे हैं ध्यान

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Thursday, December 26, 2013-4:15 PM

रायपुर: इस साल नक्सलियों ने कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में अपना आधार मजबूत करने के बजाय अपने कार्यकर्ताओं की मजबूती पर ज्यादा ध्यान दिया। चालीस हजार वर्ग किलोमीटर में फैले इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में पिछले दस साल में कई घातक हमले हुए जिनमें 710 सुरक्षाकर्मियों समेत 2093 लोग मारे गए। उनमें 25 मई को कांग्रेस के काफिले पर हमले से विद्रोहियों की नई रणनीति का खुलासा हुआ जो अपनी मजबूत पकड़ वाले इलाके में नेताओं की आवाजाही से नाराज थे।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान चरण में सरकारी मशीनरी पर हमले करने के उद्देश्य से पार्टी की सशस्त्र इकाई-पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) का सैन्यीकरण करने का प्रयास किया गया। निकट अतीत के हर साल की भांति इस साल छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाओं में मानवीय क्षति तीन अंक के करीब पहुंच गयी। आंकड़े के मुताबिक नवंबर तक 97 लोग नक्सली घटनाओं में मारे गए जिनमें 41 सुरक्षाकर्मी, दो सहायक कांस्टेबल, एक होमगार्ड और 53 नागरिक शामिल हैं।


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