मोदी के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने में कांग्रेस असमर्थ: जेटली

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Thursday, December 26, 2013-7:49 PM

नई दिल्ली: गुजरात के 2002 के दंगों के मामले में विशेष जांच टीम द्वारा वहां के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट दिए दिए जाने के खिलाफ ज़किया जाफरी की याचिका आज खारिज कर दिए को भाजपा ने पार्टी और मोदी की नैतिक जीत बताया।

पार्टी ने इसे ‘सत्य की जीत’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके मित्र एनजीओ के 11 वर्षो को दुष्प्रचार के बीच अदालत के इस फैसले से नरेन्द्र मोदी और मजबूत बनकर उभरे हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि फर्जी बयानबाजी सबूत नहीं बन सकते हैं। असत्य और सत्य के बीच एक बुनियादी फर्क यह होता है कि सत्य के साथ सभी तथ्य एकसाथ रहते हैं जबकि असत्य बिखर जाता है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के 2002 के दंगों के सिलसिले में नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने से भाजपा के इस विचार की पुष्टि हुई है कि ये आरोप प्रचार और राजनीतिक दृष्टि से लगाए गए और इसमें कोई तथ्य नहीं थे। हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि कांग्रेस पार्टी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ सकती है, इसलिए इस तरह के दुष्प्रचार करती रही है।

जेटली ने कहा, पिछले 11 वर्षो में कांग्रेस पार्टी और उसके मित्र एनजीओ के दुष्प्रचार से मोदी अप्रभावित रहे और इस दौरान 2002, 2007 और 2012 के राज्य चुनाव में जबर्दस्त जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक कुशलता साबित करने के बाद मोदी को आज न्यायपालिक ने भी पाक-साफ करार देने की पुष्टि की है। यह भाजपा और नरेन्द्र मोदी की नैतिक जीत है। गुजरात के मुख्यमंत्री को बड़ी राहत देते हुए मेट्रोपोलिटन अदालत ने 2002 के दंगों के मामले में विशेष जांच टीम द्वारा उन्हें क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर ज़किया जाफरी की याचिका आज खारिज कर दी।

जेटली ने कहा कि इस फैसले से कुछ लोगों के वे आरोप गलत साबित हुए हैं जिसमें कहा गया था कि गुजरात दंगों में मोदी की भूमिका थी। यह पूछे जाने पर कि अदालत के फैसले पर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि वे पीड़ितों के दर्द को समझ सकते हैं, जेटली ने कहा, हम सब लोग सभी दंगों के पीड़ितों के दर्द को समझते हैं जिसमें 1984 के दंगों के पीड़ित भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहली घटना है जब एक मुख्यमंत्री ने आरोप लगने के बाद अपने खिलाफ जांच आयोग गठित किया। इसके बाद गुजरात पुलिस ने जांच की, फिर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच की और इसके बाद उच्चतम न्यायालय, न्याय मित्र ने जांच की।

जेटली ने कहा, इतनी जांच के बाद मोदी निर्दोष होकर बाहर निकले हैं। कांग्रेस के लोग इसकी तुलना 1984 के सिख विरोधी दंगे से करके देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के संदर्भ में 4272 मामले दर्ज किये गए, 1168 पर फैसला हुआ और काफी संख्या में लोग दंडित हुए। भाजपा नेता ने कहा कि गुजरात के दंगे दुर्भाग्यपूर्ण थे, लेकिन न्यायाधीश ने भी एसआईटी के उस रिपोर्ट की पुष्टि की कि ऐसे आरोपों के आधार पर मोदी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस हमारे इस रूख की पुष्टि हुई है कि मोदी के खिलाफ यह प्रचार राजनीति से प्रेरित था।


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