मुलायम और मोदी में कोई अंतर नहीं, एक हिटलर जबकि दूसरा मुसोलिनी: बेनी

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Friday, December 27, 2013-9:43 AM

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने आज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से उनकी उस टिप्पणी के लिए आज माफी की मांग की जिसमें उन्होंने कहा था कि शामली और मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में रह रहे लोग षड्यंत्रकर्ता हैं। वर्मा ने मुलायम की तुलना तानाशाह बेनितो मुसोलिनी से की। कड़वी टिप्पणियों से यादव पर अक्सर हमले करने वाले कांग्रेसी नेता वर्मा ने सपा प्रमुख मुलायम को एक ‘‘गुंडा’’ करार दिया और आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जब कभी भी समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है गुंडागर्दी बढ़ी है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, यादव को अपनी टिप्पणियों पर शर्म आनी चाहिए। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में जो सरकार चला रही है वह मुस्लिमों के समर्थन से बनी है। उन्हें शिविरों में रह रहे मुस्लिमों से माफी मांगनी चाहिए। वर्मा ने आरोप लगाया कि मुलायम अब भाजपा के नजदीक जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव ने शुरू में भाजपा के साथ एक समझौता करके वोटों का धु्रवीकरण करने का फैसला किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी और मुलायम सिंह यादव के बीच कोई अंतर नहीं है। एक हिटलर हैं जबकि दूसरे मुसोलिनी।’’ उन्होंने सपा प्रमुख पर बाबरी मस्जिद गिराने में ‘‘षड्यंत्र करने’’ और 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव में मुस्लिमों की खासी आबादी वाली सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने का आरोप लगाया। राहुल द्वारा राहत शिविरों के अचानक दौरे के बाद यादव ने गत सोमवार को दावा किया, ‘‘सभी शिविरों में कोई भी दंगा पीड़ित नहीं है। वहां पर एक भी नहीं है। आप जांच सकते हैं। ये लोग सभी षड्यंत्रकर्ता है। भाजपा और कांग्रेस ने षड्यंत्र रचा है। उन्होंने उनसे रात में वहां रूकने और धरने पर बैठने के लिए कहा है। यह वहां पर लोगों का षड्यंत्र है।’’

वर्मा ने यादव को इस टिप्पणी पर आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यादव मुस्लिमों की ताकत को कम करके आंक रहे हैं, मुस्लिमों का 18 प्रतिशत वोट यह निर्णय करेगा कि उत्तर प्रदेश में कौन सी पार्टी सरकार बनाएगी। वर्मा ने कहा, ‘‘बच्चे जहां इन राहत शिविरों में प्रतिदिन दम तोड़ रहे हैं, यादव सैफई महोत्सव और कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं जिसमें विदेशों से डांसर आ रहे हैं। उन्हें तत्काल सैफई महोत्सव का आयोजन स्थगित कर देना चाहिए। वह मरते बच्चों का मजाक उड़ा रहे हैं। इन मरते बच्चों का अभिशाप उन्हें खत्म कर देगा।’’

उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को ‘‘एक दिन जेल जाना होगा’’ क्योंकि लोकपाल विधेयक पारित हो गया है और वह ‘‘भ्रष्टाचार के कई मामलों में फंसे हुए हैं। सपा ने लोकसभा में लोकपाल विधेयक का विरोध किया था। वर्मा ने इस मौके पर यह विश्वास जताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि राहुल का नाम 17 जनवरी के कांग्रेस बैठक में प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया जा सकता है। वर्मा एक समय समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम के नजदीकी विश्वासपात्र थे लेकिन अमर सिंह का पार्टी में कद बढऩे के साथ ही उन्हें धीरे धीरे किनारे कर दिया गया। कुर्मी नेता ने 2007 में पार्टी छोड़ दी और 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए।


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