अलग-थलग पड़ गईं थीं अलका लांबा

  • अलग-थलग पड़ गईं थीं अलका लांबा
You Are HereNcr
Friday, December 27, 2013-2:38 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भले ही आपसी मतभेदों को वजह बनाते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया हो, लेकिन अलका लांबा कांग्रेस में लंबे समय से खुद को उपेक्षित महसूस कर रही थीं। खासकर गुवाहाटी में 17 साल की लड़की से छेड़छाड़ के मामले में पीड़ित लड़की का नाम उजागर करने के चलते इन्हें जांच टीम से निकाल दिया गया था। उसके बाद से अल्का पार्टी में खुद को अलग-थलग महसूस कर रही थीं।

गुवाहाटी में एक लड़की से सरेआम छेड़छाड़ मामले की जांच करने गई राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम में अलका लांबा भी गई थीं। जांच करने गई टीम के पहले ही दिन जारी किए गए बयान के बाद अलका लांबा को टीम से निकाल दिया गया था। जुलाई 2012 में गुवाहाटी में एक लड़की के साथ कुछ युवकों ने सरेआम छेड़छाड़ की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से मामले की जांच के लिए एक टीम भेजी गई थी। अलका लांबा भी इस टीम का हिस्सा थीं। जांच करने के बाद अलका लांबा ने पत्रकारों से बात करते हुए पीड़ित लड़की का नाम और उसकी पहचान उजागर कर दी थी।

इसके बाद विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बयान दिया था कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। हालांकि बाद में अलका लांबा ने पूरे मामले को लेकर माफी मांग ली थी। पूरे मामले में कुछ युवकों द्वारा एक लड़की का शारीरिक शोषण किया था और पुलिस थानाक्षेत्र को लेकर झगड़ती रही थी। राष्ट्रीय महिला आयोग के दल ने अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार से इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में करने की सिफारिश की थी। मीडिया में इस घटना का वीडियो आने के बाद आयोग ने एक जांच दल गठित करके उसे गुवाहाटी भेजा था और इस दौरे में लांबा ने कहा था कि पीड़ित लड़की के शरीर पर सिगरेट से जलाये जाने के भी निशान हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You