ट्रेन हादसा: ‘‘हम जलने के अहसास के साथ सोकर उठे’’

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Saturday, December 28, 2013-7:49 PM

अनंतपुर (आंध्र प्रदेश): बेंगलूर नांदेड ट्रेन आग हादसे में बचे एक यात्री ने बताया, ‘‘हम सब सोये हुए थे अचानक हम सभी आग लगने के अहसास साथ उठ गए।’’ इस यात्री ने अपने तीन सहयोगी यात्रियों की जान बचाने में मदद की लेकिन हादसे में वह अपनी पत्नी और मामा को गंवा बैठा। शरद ने अपने भयावह अनुभव को याद करते हुए कहा, ‘‘हम पांच लोग थे। हम सभी सो रहे थे कि अचानक हम सब आग लगने के अहसास के साथ उठ गए हर तरह अफरा-तफरी थी हमने महसूस किया कि बोगी जल रही है।’’

उन्होंने कहा कि उन्होंने शौचालय की खिड़की का कांच तोडऩे में मदद की जिससे कारण तीन अन्य लोग अपनी जान बचा सके। शरद ने रोते हुए कहा, ‘‘लेकिन मैं अपनी पत्नी और मामा को नहीं बचा सका।’’ हादसे में बचे एक अन्य यात्री पाटिल ने बताया कि वह अपने पिता के साथ यात्रा कर रहे थे। ‘‘हम आग आग की आवाज सुनकर जाग गए हर कोई चीख रहा था।’’

उन्होंने बताया कि वे किसी तरह ट्रेन से बाहर आए और घुप्प अंधेर में थोड़ा पैदल चलकर राजमार्ग पहुंचे। उन्होंने पेनुकोंडा से बस पकड़ी और बाद में एक ट्रेन पर चढ़कर वे बेंगलूर पहुंचे। पाटिल ने बेंगलूर में बताया, ऐसा लगता है कि हमने दूसरा जन्म पाया है।


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