48 घंटे में अधिकतम अच्छा काम करना चाहता हूं : केजरीवाल

  • 48 घंटे में अधिकतम अच्छा काम करना चाहता हूं : केजरीवाल
You Are HereNational
Wednesday, January 01, 2014-11:26 AM

नई दिल्ली: दो जनवरी को विश्वास मत से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि सरकार रहे या नहीं रहे, वह अगले 48 घंटे में लोगों के लिए अधिकतम अच्छा काम करना चाहते हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस या भाजपा के बारे में आश्वस्त नहीं हूं। हमें कोई चिंता नहीं कि सरकार रहेगी या नहीं रहेगी। हम यह मानकर सरकार चला रहे हैं कि हमारे पास सिर्फ 48 घंटे हैं। हम इतने समय में लोगों के लिए अधिकतम अच्छे काम करना चाहते हैं।’’

हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में उनका स्वास्थ्य तो ठीक हो सकता है लेकिन ये महत्वपूर्ण 48 घंटे उनको नहीं मिलेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी के विधायक एम. एस. धीर दिल्ली विधानसभा में अध्यक्ष के पद के लिए आप की तरफ से उम्मीदवार होंगे। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि भाजपा ने विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष पद को क्यों ठुकरा दिया जो सामान्य तौर पर सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को बनाया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं मालूम कि भाजपा ने क्यों ठुकरा दिया। मेरा मानना है कि आपको उनसे पूछना चाहिए।’’

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से मिलने के बाद केजरीवाल ने कहा कि अधिकारी काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कल की मंत्रिमंडल की बैठक में बिजली कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले अभिवेदन का अध्ययन किया जाएगा और ‘‘हम फैसला करेंगे।’’ उन्होंने इस बात का खंडन किया कि फैसला किया जा चुका है और सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उसके बाद उपराज्यपाल आदेश देंगे।’’

उन्होंने कहा कि कैग ने उनसे कहा कि यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि कितना काम है और ये कंपनियां कितनी जल्दी दस्तावेज मुहैया कराती हैं। बिजली कंपनियों में कथित अनियमितताओं का पर्दाफाश करने को लेकर वह कितने आश्वस्त हैं तो उन्होंने कहा कि ऑडिट उसे सामने लाएगा। भाजपा और आप बिजली कंपनियों के खाते की कैग से ऑडिट कराने की मांग कर रही है। दोनों पार्टियों ने बिजली कंपनियों पर अनियमितता करने का आरोप लगाया है।

हालांकि, सभी तीनों बिजली कंपनियों बीएसएईएस यमुना पावर लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और टाटा पावर देहली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड ने इसका विरोध किया है। जुलाई में दिल्ली बिजली विनियामक आयोग :डीईआरसी: ने यह भी कहा था कि तीनों बिजली कंपनियों की वित्तीय हालत की कैग से गहन जांच कराई जानी चाहिए।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You