वीरभद्र सिंह के खिलाफ भाजयुमो का प्रदर्शन

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Tuesday, December 31, 2013-11:11 PM

नई दिल्ली : भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा दोहरी बात करने के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आज विरोध प्रदर्शन किया। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के निवास पर जाकर रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से त्याग-पत्र देने की मांग की।

हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने वीरभद्र सिंह द्वारा तुरन्त इस्तीफा दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाए जो अपनी सांसद पत्नी के साथ रिश्वतखोरी के एक और गम्भीर आरोप में शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और पानी की बौछार छोड़ी।

बाद में प्रदर्शनकारियों ने भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अगुवाई मेंतुगलक रोड पुलिस थाने में गिरफ्तारी दी। इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने बताया कि यह रिश्वतखोरी का एक खुला एवं बन्द मामला है, इसमें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस की दोहरी बात का पर्दाफाश हो गया है।

एक ओर राहुल गांधी और उनकी पार्टी लोकपाल विधेयक को पारित करवाने का श्रेय लेने का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर वे हिमाचल प्रदेश के एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री को बनाए हुए हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कि वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार के मामले में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वास्तव में सी.बी.आई. को भ्रष्टाचार के एक दूसरे मामले में फरवरी 2014 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में एक यथास्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।

कांग्रेस भ्रष्टाचार के इतने साफ एवं स्पष्ट मामले मे कोई विश्वसनीय कार्रवाई किये बिना संसद में विधेयक पारित कराने का श्रेय नहीं ले सकती। वास्तव में प्रधानमंत्री को भेजे गए दस्तावेजों के अनुसार इस मामले की किसी प्रकार की जांच किए जाने की भी आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री को तुरन्त त्याग-पत्र देना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि उनकी सांसद पत्नी प्रतिभा सिंह को भी त्याग-पत्र देना चहिए क्योंकि उन्होंने भी एक निवेशक वकमुल्ला चन्दर शेखर से करोड़ों रुपए लिए और उनकी एक अन्य कम्पनी ने शेयर भी खरीदे। यह भी आरोप है कि वीरभद्र सिंह के पुत्र, जो हिमाचल प्रदेश में युवा कांग्रेस के प्रमुख हैं, ने भी उसी व्यक्ति से करोड़ों रुपए लिए हैं।

गौरतलब है कि यह सारा व्यौरा गत वर्ष हुए विधानसभा चुनावों के दौरान वीरभद्र सिंह द्वारा दाखिल किए गए हलफनामें में छुपाया गया था। इसी प्रकार प्रतिभा सिंह ने भी इस कम्पनी में अपने 34 लाख शेयरों का अपने हलफनामें में कोई उल्लेख नहीं किया, जबकि उन्होंने किसी अन्य गैर-सूचित कम्पनी 2110 शेयरों का उल्लेख किया था। उनके दोनों बच्चों से भी इसी व्यक्ति, जिसकी वीरभद्र ने तरफदारी की थी, द्वारा स्थापित उसी कम्पनी के 3.4 लाख और 3 लाख शेयर हैं।

सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बिना गारंटी के ऋण के नाम पर रिश्वत की इस राशि को छिपा रहे हैं, जबकि उनके स्वयं के बैंक खातों में 10 करोड़ रुपए हैं और वकामुल्ला चन्दर शेखर की कम्पनी ने बैंक से 35 करोड़ रुपए का ऋण लिया है।

वर्ष 2012 की कम्पनी की आडिट रिपोर्ट के अनुसार कम्पनी ने लगभग 4.65 करोड़ रुपए के ऋण का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनकी सांसद पत्नी द्वारा तुरन्त इस्तीफा देने की मांग की और सी.बी.आई. से इस मामले में तुरन्त प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की।


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