शिवराज के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर शुरू हुआ विवाद

  • शिवराज के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर शुरू हुआ विवाद
You Are HereNational
Friday, January 03, 2014-9:04 AM

जबलपुर: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ ग्रहण समारोह में कथित रुप से सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने सबंधी याचिका का निराकरण इस आदेश के साथ किया कि याचिकाकर्ता पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर इस संबंध में सक्षम फोरम के समक्ष शिकायत कर सकता है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय मानिकराव खानविलकर और के.के.लाहोटी की युगलपीठ ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी विजय वाते के तरफ से दायर की गई याचिका पर कल उक्त आदेश दिए।

याचिका में कहा गया था कि प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने भोपाल के जम्बूरी मैदान में शपथ ग्रहण की थी। इस समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया था। शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह से भाजपा का निजी कार्यक्रम था, जिसका आयोजन सरकारी धन से किया गया था। याचिका में कहा गया कि शपथ ग्रहण समारोह को भव्यता प्रदान करने में जनता का धन पानी की तरह बहाया गया।

उन्होंने कहा कि सरकारी खर्च पर राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाता तो इतना खर्च नहीं होता। याचिका में मांग की गई थी कि शपथ ग्रहण समारोह में जो खर्च हुआ है वह भाजपा से वसूला जाए। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता प्रदान की है कि वह साक्ष्यों के साथ इस संबंध में सक्षम फोरम में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You