HC ने दी एक मां को स्काईप के जरिए बेटे से बात करने की अनुमति

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Friday, January 03, 2014-11:40 AM

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने 12 वर्षीय एक बच्चे को उसकी मां से मिलने की अस्थाई अनुमति देते हुए कहा कि वैवाहिक विवाद के बीच एक बच्चे को मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए और उसे कानूनी झगड़े से बचाना चाहिए। लड़के की मां को मिलने की अस्थाई अनुमति देने के परिवार अदालत के 24 दिसंबर 2013 के फैसले को चुनौती देते हुए लड़के के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति गौतम पटेल सुनवाई कर रहे थे।

12 वर्षीय बच्चे के माता-पिता का 2010 के बाद ही अलगाव हो गया। अलग होने के बाद से लड़का लखनउ में अपने पिता के यहां रह रहा था जबकि मां मुंबई चली गयी थी। इंटरनेट पर स्काईप वीडियो कॉलिंग के जरिए बेटा हर दिन अपनी मां से कुछ मिनट बात करता है। उच्च न्यायालय ने परिवार अदालत के आदेश में हस्तक्षेप से इंकार किया और मां को 4 जनवरी से 12 जनवरी 2014 के बीच अस्थाई पहुंच की अनुमति दी। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि अपने माता-पिता के बीच कानूनी लड़ाई में बच्चे को मोहरा नहीं बनने देना चाहिए। अगर कुछ होता है तो बच्चे को इन मुकदमेबाजी में वयस्कों के बीच की कड़वाहटों से दूर रखना चाहिए।


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