संघ लोकसेवा आयोग का अंग्रेजी से आग्रह क्यों: नीतीश

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Sunday, January 05, 2014-11:14 AM

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने को सवाल उठाया कि संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं के विरुद्ध अंग्रेजी को अत्यधिक महत्व क्यों दिया जा रहा है। नागरिक प्रशासन और रक्षा सेवाओं के अधिकारी संवर्ग में भर्ती के लिए प्रत्याशियों का चयन करने के लिए संघ लोकसेवा आयोग परीक्षाएं आयोजित करता है।

एक समारोह के दौरान यहां नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि संघ लोकसेवा की परीक्षाओं में अंग्रेजी को इतना ज्यादा महत्व क्यों दिया जा रहा है। यहां तक कि हिंदी और उर्दू जैसी भारतीय भाषाओं से भी ज्यादा।’’ बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के प्रारूप में 2011 में बदलाव किया गया और फिर 2013 में गैर अंग्रेजी पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए चीजों को और ज्यादा दुष्कर बना दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण मामला है।’’

नीतीश कुमार ने कहा कि अंग्रेजी भाषा को अधिकारी विभिन्न तरीकों से थोप रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजी भाषा न तो बाजार में और न ही राजनीति में कोई वास्तविक सहायता करती है। उन्होंने कहा, ‘‘बाजार में भारतीय भाषा का दबदबा है। देश में सामान बेचने में अंग्रेजी कोई मदद नहीं करती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी राजनीतिक दल भारतीय भाषा की जगह अंग्रेजी में प्रचार करने का जोखिम नहीं उठा सकती।’’

नीतीश कुमार ने मांग की कि केंद्र और राज्य की सरकारें इस बात पर गंभीरतापूर्वक विचार उन छात्रों को न्याय दिलाने पर विचार करें जो अपना पर्चा अंग्रेजी की जगह भारतीय भाषाओं में लिखना चाहते हैं।


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