केजरीवाल ने फिर दी राहुल गांधी को मात

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Monday, January 06, 2014-2:50 PM

नई दिल्ली: मीडिया में हो रही किरकिरी के बाद केन्द्र सरकार ने कल से शुरू हो रहे बारहवें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज निमंत्रण भेज दिया। जबकि इस आयोजन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की शिरकत का कार्यक्रम अंतिम क्षणों में बदल गया। वह युवा प्रवासी दिवस का उद्घाटन नहीं करेंगे बल्कि किसी अन्य दिन आएंगे। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालर रवि ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी दी।

 

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मेजबान प्रदेश के मुख्यमंत्री केजरीवाल को नहीं बुलाए जाने के बारे में सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि चूंकि दिल्ली में नई सरकार बनी है और उसे कामकाज संभालने का वक्त चाहिए था इसलिए पहले उन्हें निमंत्रण नहीं जा पाया था। बहरहाल उन्हें आज निमंत्रण भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने निमंत्रण पत्र पर आज ही हस्ताक्षर किए हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अंतिम क्षणों में हुए एक और महत्वपूर्ण बदलाव में कल पहले दिन युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नहीं करेगें।

 

रवि ने बताया कि गांधी ने उद्घाटन समारोह के वक्त दिल्ली से बाहर होने का कारण बताते हुए आने में असमर्थता जताई है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय के अनुरोध पर गांधी ने तीन दिनों में किसी दिन आने पर सहमति जताई है। भारतवंशी समुदाय के लोगों को देश से जोडऩे के लिए आयोजित किए जाने इस वार्षिक आयोजन में इस साल मलेशिया के प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री वाई. बी. दातुक सेरी पलनिवेल मुख्य अतिथि होंगे। बारहवें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में प्रवासी युवाओ पर विशेष फोकस होगा और सात जनवरी को सम्मेलन का पहला दिन ‘युवा प्रवासी दिवस’ के रूप मे मनाया जाएगा।

 

वर्ष 2003 में शुरू  हुए डेढ़ सौ से अधिक देशों में रहने वाले भारतवंशी समुदाय के लोगों को उनके पूर्वजों की धरती से जोडऩे वाले इस आयोजन की इस वर्ष की थीम ‘प्रवासी भारतीयों के साथ सत्त पीढीगत संबंध’ रखी गई है। तीन दिनों तक चलने वाले सम्मेलन को दो भागों में विभक्त किया गया है। पहले दिन सात जनवरी को ‘युवा प्रवासी दिवस’ मनाया जाएगा जबकि मुख्य प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन अगले दिन शुरू होगा जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेगें। आठ जनवरी को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन पुरस्कार वितरण के साथ सम्मेलन का समापन करेंगे।

 

रवि के अनुसार तीन दिन के सम्मेलन मे देश मे राजनीति, खेल, व्यापार, उद्योग, शिक्षा आदि क्षेत्रो मे उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को आमंत्रित किया गया है। पहले दिन युवा प्रवासी दिवस सम्मेलन में भारतवंशी युवाओं की आकांक्षाओं पर परिचर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली युवा प्रतिभाओं के बीच वैचारिक आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रवासी युवाओं के साथ भावनात्मक रिश्तों पर भी एक सत्र आयोजित किया जाएगा।

 

रवि के अनुसार देश की आधी से अधिक आबादी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के बीच है। इसे देखते हुए इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का फोकस युवा प्रवासी भारतीयों पर रखने का फैसला लिया गया है। उनका कहना है कि किसी भी राष्ट्र अथवा देश के युवा उसकी प्रगति के लिए इंजन का काम कर सकते हैं और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने लिये हमें युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग करना चाहिए। इस प्रवासी भारतीय सम्मेलन मे 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के प्रवासी युवाओ को भाग लेने के लिये प्रोत्साहित करने के वास्ते पंजीकरण शुल्क छात्रों के लिए तय शुल्क 100 डॉलर से आधा यानी 50 डॉलर अथवा 3150 रुपए रखा गया है जबकि सम्मेलन के सत्रो मे हिस्सा लेने वाले प्रवासियो के लिये तीन दिन का पंजीकरण शुल्क तीन सौ डॉलर यानी 18 हजार 900 रुपए रखा गया है।

 

आठ और नौ जनवरी को भारत की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक शक्ति. औद्योगिक प्रगति एवं निवेश की संभावनाएं, प्रौद्योगिकी एवं नवान्वेषण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधएं तथा भारत में मीडिया एवं फिल्म निर्माण के क्षेत्र में संभावनाएं जैसे विषयों पर परिचर्चाएं होंगी जिनमें मशहूर फिल्म निर्माता राज सिप्पी तथा अभिनेता कमल हासन भाग लेगें। खाडी देशों के प्रवासियों पर एक अलग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भाग लेने के लिए अब तक लगभग 700 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है तथा इस संख्या के बढऩे की उम्मीद है।

 

प्रवासी भारतीयों और के बीच सार्थक संवाद कायम करने और भारत की आर्थिक, वाणिज्यक, व्यापारिक एवं सांस्कृतिक ताकत बढ़ाने के मकसद से आयोजित इस सम्मेलन मे केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ, आनंद शर्मा, सलमान खुर्शीद, एस. जयपाल रेडडी, कपिल सिब्बल, सचिन पायलट, मनीष तिवारी, जितेन्द्र सिंह और योजना आयोग के उपाध्यक्ष डा. मोंटेक सिंह अहलूवालिया हिस्सा लेगें। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा, केरल के मुख्यमंत्री उम्मेन चाण्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर अपने अपने राज्यों में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रवासी भारतीयों को जानकारी देंगे।

 

इसके अलावा बिहार, गुजरात, केरल, पंजाब और राजस्थान अलग से अपने सत्र आयोजित करेगें। दिल्ली के नए मुख्यमंत्री को चूंकि आज ही निमंत्रण भेजा गया है। इसलिए उनके आने के स्वीकृति के बारे में जानकारी नहीं मिल पायी है। गौरतलब है कि मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आयीं थीं कि एक स्वप्निल आंदोलन को चुनावी जीत में तब्दील करने वाले दिल्ली के युवा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में राजनीतिक कारणों से आमंत्रित नहीं किया गया है।

 

वर्ष 2001 में शुरू हुए प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के कुल 11 आयोजनों में से दिल्ली में अब तक हुए सात आयोजनो में हर बार तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित शिरकत करती रहीं हैं और किसी एक दिन देश विदेश से आए मेहमानों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी दिल्ली सरकार द्वारा किया जाता रहा है। इस बार ऐसा लगने लगा था पहली बार उस राज्य सरकार को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है जिसकी परिधि मे प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

 

प्रवासी भारतीय दिवस भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका को रेखांकित करने के लिए प्रतिवर्ष नौ जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन यानी नौ जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से अपनी पढ़ाई पूरी करके स्वदेश लौटे थे और उसके बाद उन्होंने देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की अगुवाई की थी।


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