प्रियंका खुद अपने लिए भूमिका तय करेंगी: कांग्रेस

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Wednesday, January 08, 2014-9:12 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज इन कयासों को ज्यादा अहमियत नहीं दी कि लोकसभा चुनावों के पहले प्रियंका गांधी पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगी और कहा कि प्रियंका अपनी भावी भूमिका खुद तय करेंगी।

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि इस मुद्दे का जवाब कई बार दिया जा चुका है। राहुल गांधी के निवास पर वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक चल रही थी। बैठक के अंत में अपने भाई से अकसर मिलने उसके निवास आने वाली एक बहन शिष्टाचारवश पार्टी नेताओं से भी मिलती है। इसमें ज्यादा कुछ नहीं समझा जाना चाहिए।’’

सुरजेवाला ने एआईसीसी में शीर्ष पार्टी नेताओं से प्रियंका की मुलाकात पर सवालों के जवाब में कहा, ‘‘अगर वह अपने भाई के निवास पर आती हैं और वहां कोई बैठक चल रही है और वह शिष्टाचारवश वह उन नेताओं से मिलती हैं, यह विवाद का मुद्दा नहीं हो सकता है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, इसमें ज्यादा राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि प्रियंका गांधी-नेहरू परिवार की एक ‘‘अहम सदस्य’’ हैं।

सुरजेवाला से जब पूछा गया कि क्या प्रियंका 17 जनवरी की अखिल भारतीय कांग्रेस समिति बैठक में शिरकत करेंगी तो उन्होंने टिप्पणी की, यह अभी एक काल्पनिक सवाल है। बैठक के होने का इंतजार करें। प्रियंका कल अपनी मां एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आधिकारिक निवास 10 जनपथ गई थीं। वे बाद में अलग अलग राहुल के निवास पर गईं। कांग्रेस प्रवक्ता की यह टिप्पणी उसके एक दिन बाद आई।

इस बीच, नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एक पार्टी नेता ने याद दिलाया कि प्रियंका ने हमेशा अपना कार्य क्षेत्र राय बरेली और अमेठी की दो लोकसभा सीटों तक सीमित रखा है और अभी तक उनकी कोई और भागीदारी नहीं हुई है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रियंका ने हमेशा अपनी भूमिका खुद चुनी है और हमें यह उनपर छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमें प्रियंका गांधी को इसका फैसला करने के लिए छोड़ देना चाहिए। अभी तक, वह केवल दो सीटों पर रूचि लेती रही हैं। वह हमेशा स्पष्ट रही हैं कि वह अपनी भूमिका दो सीटों तक सीमित रखेंगी।’’

उन्होंने कहा, अभी तक उन्होंने फैसला किया है कि वह पिछले दो-तीन संसदीय चुनावों की तरह अमेठी और राय बरेली में चुनाव प्रचार के मार्गदर्शन तक खुद को सीमित रखना चाहती हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रियंका कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के दौरा कार्यक्रम तय करने वरिष्ठ पार्टी नेताओं की बैठक में अचानक आ गईं। एआईसीसी ब्रीफिंग में सुरजेवाला ने पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी की इस टिप्पणी में कोई गलती नहीं पाई कि प्रियंका बहुत साल से कांग्रेस की एक सक्रिय सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, प्रियंका गांधी वाड्रा सिर्फ अभी से नहीं, बल्कि वर्षों से राय बरेली और अमेठी में पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ी हैं। वह दोनों संसदीय क्षेत्रों मे एक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। एक अन्य नेता ने कहा कि प्रियंका बस अचानक बैठक में आ गईं और वहां क्या हुआ उसमें ज्यादा कुछ नहीं देखा जाना चाहिए। नेता ने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी को अपनी भूमिका तय करने की इजाजत दी जानी चाहिए। वह भी एक निजता वाली शख्स हैं, उनकी निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।’’

उनसे जब यह पूछा गया कि क्या शीर्ष पार्टी नेताओं के साथ उनकी इस तरह की बैठक की जरूरत इसलिए पड़ी कि राय बरेली और अमेठी में राजनीतिक परिस्थिति ज्यादा कठिन हो गई है तो उन्होंने कहा कि जिस बैठक में प्रियंका पहुंची थीं, उसका राय बरेली और अमेठी से कोई लेना देना नहीं था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘बहुत बार, राहुल गांधी के निवास पर इस तरह की बैठकें होती हैं क्योंकि वहां कांग्रेस उपाध्यक्ष का एक कार्यालय है।’’

उन्होंने कहा कि राहुल के कार्यालय के कुछ सदस्य वहां मौजूद थे क्योंकि उनके सहयोग की जरूरत थी। कल की बैठक में सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश, एआईसीसी महासचिव जनार्दन द्विवेदी, अजय माकन और मधुसुदन मिस्त्री और पार्टी विचारक मोहन गोपाल मौजूद थे जहां प्रियंका ने उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात से राजनीतिक हलकों में कयास लगने शुरू हो गए हैं कि क्या वह कांग्रेस के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय राजनीतिक भूमिका अपनाएंगी। पिछले कुछ माह से ये कयास चल रहे थे कि क्या राय बरेली में अपनी मां के लिए चुनाव प्रचार तक अपनी सियासत सीमित रखने वाली पूर्णकालिक राजनीति में कूदेंगी।


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