चुनाव आयोग ने सुरक्षा कारणों से गूगल के साथ करार तोड़ा

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Thursday, January 09, 2014-6:35 PM

नई दिल्लीः निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए इंटरनेट सर्च इंजन गूगल के साथ करार के प्रस्ताव से राजनीतिक दलों और साइबर विशेषज्ञों के संदेहों के कारण हाथ खींच लिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वी एस संपत की अध्यक्षता में आयोग की आज यहां हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढने का फैसला किया गया।

बैठक में निर्वाचन आयुक्त एच एस ब्रह्मा और नसीम जैदी समेत आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद जारी आयोग की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि गूगल ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए अपनी सेवाओं की एक प्रस्तुति दी थी। आयोग ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढाने का फैसला किया है।

गूगल ने 2014 के आम चुनावों के दौरान भारतीय मतदाताओं को अपने सर्च इंजन की सेवाएं मुफ्त मुहैया कराने की पेशकश की थी। उसने मुफ्त वोटर पंजीकरण और मतदान केन्द्र की तलाश का तंत्र बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। गौरतलब है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने आयोग और गूगल के बीच करार पर एतराज जताया था। राजनीतिक दलों के अलावा कई साइबर विशेषज्ञों की भी राय थी कि मतदाताओं के बारे में विस्तृत जानकारी किसी विदेशी कंपनी को मुहैया कराया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं होगा।


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