कश्मीर में सड़क के किनारे महिला ने दिया बच्चे को जन्म

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Saturday, January 11, 2014-1:16 PM

श्रीनगर: एक चौंकाने वाली घटना है कि उतर कश्मीर में हंदवारा क्षेत्र के एक दूरदराज इलाके में गत रात एक महिला ने अस्पताल के बाहर। कहा जा रहा है कि सरकारी अस्पताल के आसपास सेना द्वारा कथित तौर पर आयोजित क्रेकडाउन के चलते अस्पताल को बंद कर दिया गया था। शहजाद अहमद मीर निवासी जफरखानी सरमर्ग, हंदवारा ने कहा कि मेरी गर्भवती पत्नी ने सुबह गंभीर दर्द की शिकायत की।

मैंने अपने भाई और कुछ पडोसियों के साथ कंधों पर उसके लोक स्वास्थ्य केन्द्र (पी.एच.ई.) कुकरुसा की ओर लिया क्योंकि इलाके में सड़के बर्फ से ढ़की है और यातायात नही चल रहा है। हालांकि, हरकरपुरा इलाके में सेना ने हमे एक घंटे तक रोक कर रखा क्योंकि इलाके में क्रेकडाउड था। हमने उन्हे बहुत अनुरोध किया लेकिन उन्होने अन्य मरीजों के साथ कठोर सर्दी में एक घंटे तक हमे रोक कर रखा रोका। साथ ही जब हम बाद में चिकित्सा सुविधा में पहुंचे तो वहां कोई मौजूद नही था और अस्पताल बंद था। उसने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र को बंद पाकर गुस्साएं परिचरों ने चिकित्सा सुविधा में तोडफ़ोड़ की और कुछ वार्गों के ताले तोड़ दिए।

कुछ स्थानीय लोगों ने 26 वर्षीय मरीज के लिए कंबल लाया और महिला ने अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म दे दिया। दो मां और बच्चा सुरक्षित है। इस बीच घटना के बारे में जूंहि खबर क्षेत्र में फैली तो स्थानीय लोगों ने परिचरों के साथ मिलकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सरमग इलाके के सरपंच मजलून अहमद ने कहा क्षेत्र में घटना की खबर फैलने के बाद कुछ डॉक्टर अस्पताल पहुंच गए। हालांकि, डॉक्टरों ने सेना द्वारा उन्हे अस्पताल पहुंचने से रोकने शिकायत की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुपवाडा, डॉ अलीम ने कहा कि चिकित्सा स्टाफ देरी से पहुंचा क्योंकि उन्हे क्रेकडाउन में सेना ने रोक दिया था।

उन्होंने कहा कि हमारे पैरामेडिकल टीम, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को क्रेकडाउन की वजह से सेना और पुलिस ने इजाजत नही दी। मैंने जब संबंधित पुलिस और सेना के अधिकारियों से बीत की तो उसके बाद ही उन्हे इजाजत दी गई। सेना के 6 राष्ट्रीय राइफल के कमांडिंग ऑफिसर परवीन पहल ने कहा कि हां, जोगिनबाग, कालीपुरा, हरकरपुरा इलाके घेरे में थे क्योंकि हमे आतंकियों की मौजूदगी के बारे में सूचना थी।

लेकिन हमने मरीजों को रोकने के बजाय उन्हे अस्पताल पहुंचाने में मदद की। साथ ही चिकित्सा स्टाफ खुद को बचाने के लिए सेना पर आरोप लगा रहा है। जिला उपायुक्त, कुपवाडा इतरत हुसैन ने कहा कि वे मामले का संज्ञान लेंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 


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