किशनगंगा: उर्जा उत्पादन में 5% कमी का सामना कर सकता है भारत

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Sunday, January 12, 2014-1:12 PM

नई दिल्ली: भारत को जम्मू कश्मीर में अपनी निर्माणाधीन किशनगंगा जलविद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन में पांच प्रतिशत वार्षिक कमी होने की आशंका है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन) ने पाकिस्तान को तय मात्रा में पानी छोडऩे का फैसला सुनाया है।

हेग स्थित अदालत ने गत वर्ष दिसम्बर में फैसला सुनाया था कि भारत को पर्यावरणीय कारणों से किशनगंगा नदी (पाकिस्तान में नीलम नदी के रूप में जाने जाने वाली नदी) में न्यूनतम नौ क्युमेक्स (क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड) पानी छोडऩा चाहिए। जल संसाधन मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ‘‘इससे प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत उर्जा उत्पादन प्रभावित होगा।’’

इस परियोजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि किशनगंगा पर बने एक बांध स्थल से पानी झेलम नदी की सहायक नदी बोनार नाला में सुरंगों की एक प्रणाली से मोड़ा जाएगा। इससे गुजरने वाला पानी 330 मेगावाट क्षमता वाले टरबाइन को शक्ति प्रदान करेगा। सूत्रों के अनुसार आदेश के तहत नौ क्यूमेक्स पानी छोडऩे से वर्ष के उन चार महीनों के दौरान बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है जब जलप्रवाह कम हो जाता है। 


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