जनता दरबार न लगाने के फैसले पर 'आप' की आलोचना

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Tuesday, January 14, 2014-1:02 AM

नई दिल्ली: भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के जनता दरबार नहीं लगाने के फैसले की आलोचना करते हुए आज कहा कि जनता की समस्याएं सुनने का चलन कई राज्य सरकारों ने शुरू किया है लेकिन आम आदमी पार्टी इस प्रयास में विफल रही क्योंकि वह उसे ठीक से आयोजित नहीं कर सकी।

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जनता दरबार कई भाजपा और कांग्रेस सरकारें लगाती रही हैं। गुजरात में ‘स्वागत’ एक उदाहरण है जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले पांच साल से लोगों की शिकायत सुनने के लिए उनसे संपर्क करते रहे हैं। लेकिन आप लोगों से मिलने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल का जनता दरबार व्यवस्थित नहीं हो सका क्योंकि यह पर्याप्त सोच के साथ नहीं लगाया गया था। निर्मला ने दावा किया कि कुछ मुख्यमंत्री जनता तक पहुंच के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं लेकिन आप ने इस तरीके को नहीं अपनाया बल्कि जनता दरबार बंद कर दिया।


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