राहुल, राहुल, राहुल और छा जाना राहुल का

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Saturday, January 18, 2014-11:53 AM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा): राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कांग्रेस का अधिवेशन राहुल-राहुल के नाम से गूंजता रहा। अधिवेशन में दिन भर राहुल गांधी ही छाए रहे। यहां तक कि सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व अन्य वरिष्ठ नेताओं के सम्बोधन के दौरान भी राहुल का नाम गूंजता रहा।

बेशक राहुल अधिवेशन को सम्बोधित करने के लिए 30 मिनट की देरी के बाद खड़े हुए लेकिन हर कोई उनको सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा था। यह इंतजार उसी तरह से देखने में आया, जिस तरह से एक जमाने में हर कोई इंदिरा गांधी को सुनना चाहता था। अपने जोशीले अंदाज में राहुल ने सम्बोधन शुरू किया तो कार्यकत्र्ताओं ने ही नहीं वरन नेताओं तक ने बार-बार तालियां बजाकर स्वागत किया।

अधिवेशन में पहले राहुल उत्तर भारत से आए नेताओं को सम्बोधित करने के लिए बोलना चाहते थे, लेकिन अचानक उनका इरादा बदल गया। उन्हें ध्यान आया कि दक्षिण भारत से भी काफी संख्या में नेता और कार्यकत्र्ता आए हुए हैं। यह भांपते हुए उन्होंने खुद कहा कि पहले मैं अंग्रेजी में बोल रहा हूं। जैसे ही उन्होंने अपने जोशीले अंदाज में यह कहा कि कांग्रेस एक पार्टी नहीं बल्कि एक विचारधारा है, पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि देश को कांग्रेस मुक्त कर देंगे, कोई कांग्रेस को खत्म नहीं कर सकता। साम्प्रदायिक शक्तियों का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

राहुल गांधी ने सम्बोधन ने दौरान किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग रोड पर कानून बनाना चाहते हैं, सफल नहीं होंगे। निश्चित रूप से उनका यह कटाक्ष आम आदमी पार्टी पर था। उन्होंने कहा कि हम सामने की ओर चलते हैं, वो पीछे की ओर, हम दक्षिण की ओर रूख करते हैं, वो उत्तर की ओर। ऐसा करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कोई खत्म नहीं कर सकता। राहुल ने जब यह कहा कि संसद में 50 प्रतिशत उपस्थिति महिलाओं और युवकों की होनी चाहिए, यह सुनते ही वहां बैठे युवा नेता झूम उठे और पूरा स्टेडियम राहुल गांधी-जिंदाबाद के नारों से एक बार गूंज गया।

इनमें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह के अलावा, विधायक हारून यूसुफ, जयकिशन और सुखबीर शर्मा, गोस्वामी एस के पुरी सहित पार्टी के काफी डेलीगेट्स भी शामिल थे। उन्होंने यह कहा कि इस बार दलबदलू नहीं, कांग्रेस के कार्यकत्र्ता लड़ेंगे चुनाव। यह सुनते ही अधिवेशन में गजब का माहौल दिखाई दिया।

हर कोई हाथ ऊपर कर राहुल गांधी जिंदाबार के नारे लगाते दिखा। बेटे के आक्रामक तेवर देखकर वहां बैठी मां सोनिया गांधी काफी प्रफुल्लित दिखाई दे रही थीं। इतना ही नहीं, तालकटोरा स्टेडियम में हुई बैठक में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के मुद्दा ही छाया रहा। राहुल को कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर सभी कांग्रेसी नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी।


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