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बिहार का क्या माहौल था, याद कीजिये...

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Monday, January 20, 2014-10:21 AM

पटना: अगले लोकसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस जिन्होंने बिहार में 15 सालों तक शासन किया था के बीच गठबंधन होने की संभावना की चर्चा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज लोगों से कहा कि वे संकल्प लें कि फिर बिहार को वापस बुरे दिनों में लौटने नहीं देंगे। गया जिला के गांंधी मैदान में आज संकल्प रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने बिहार में राजद और कांग्रेस के पिछले 15 सालों के शाासन की ओर इशारा करते हुए लोगों से कहा कि वे संकल्प लें कि फिर बिहार को वापस बुरे दिनों में लौटने नहीं देंगे।  उन्होंने बिहार में राजद और कांग्रेस के पिछले 15 सालों के शासन की ओर इशारा करते हुए लोगों से कहा कि बिहार का क्या माहौल था, याद कीजिये ।

शाम होते ही लोग घर लौटने की जल्दी करते थे , देर होती तो घबराते थे। नरसंहार होता था , अब नरसंहार बीते दिनों की बात हो चुकी है।  नीतीश ने अपने पूर्व के सहयोगी भाजपा का जिक्र करते हुये कहा कि उनके साथ यह समझौता था कि विवादित मुददे और विवादित व्यक्ति को सामने नहीं लायेंगे । यदि ऐसा होगा तो जदयू नाता तोड लेगा ।

उस समय हुये समझौते में यह भी कहा गया था कि धारा 370 में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। समान आचार संहिता को थोपने की कोशिश नहीं होगी। अयोध्या मामले का हल न्यायालय के निर्णय या आपसी समझौता से होगा।  उन्होंने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस के विरुद्ध वातावरण बन रहा था। सम्पूर्ण विपक्ष ने महंगायी एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध दो - दो बार भारत बंद किया। सबकी एकजुटता हो रही थी मगर भाजपा के मन में लालच पैदा हो गया। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश का जो वातावरण बना था उसके अनुसार आचरण उन्हें प्रकट करना चाहिये था मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस देश का नेतृत्व वही कर सकता है जो सभी धर्म संप्रदाय का आदर करे और सबको साथ लेकर चल सके । ऐसा व्यक्तित्व चाहिये जिस पर सबका भरोसा हो। पिछडे राज्य एवं इलाकों को आगे बढा सके। समावेशी विकास की सोच रखता हो उसकी उदार सोच हो जो देश को आगे बढा सके , जो पिछडे राज्यों को आगे बढाने की मंशा रखे , समाज में एकजुटता पैदा करे।  

उन्होंने कहा कि सबको मालूम था कि जब भाजपा विवादित मुददों को आगे लायेगी तो जदयू क्या करेगा। दिल्ली के चुनाव के बाद अब उनकी हालत खराब है कहंा गयी हवा । हमने विश्वास को नहीं तोडा, बीजेपी के लोगों ने विश्वास को तोडा है। हम बुनियादी उसूलों से भी भी समझौता नहीं कर सकते। चाहे हमारी कुर्सी रहे या जाय। सबसे जरुरी है समाज को एकजुट रखना।  नीतीश ने कहा कि इस रैली के माध्यम से हम सबको संकल्प लेना है कि हर हाल में हिन्दू मुस्लिम एकता को बनाये रखेंगे। हर हालत में सामाजिक सदभाव को कायम रखेंगे।

अपनी जान की बाजी लगानी पडी तो लगायेंगे मगर सामाजिक सदभाव को बिगडने नहीं देंगे।  उन्होंने असम में हुयी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है तो हम ऐसा बिहार बनायेंगे जिसमें रोजी रोटी के लिये हमारे लोगों को बाहर नहीं जाना पडेगा बल्कि दूसरे प्रदेश के लोग यहां आकर रोजी रोटी कमायेंगे।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश के किसी भी हिस्स्ेा में कोई भी व्यक्ति आ जा सकता है और रोजी रोटी कमा सकता है यह उनका संवैधानिक अधिकार है। हम चाहेंगे कि दो जून रोटी के लिये कोई राज्य से बाहर न जाय।

ज्यादा धन कमाना हो तो जरुर जायें। विशेष राज्य का दर्जा लेकर रहेंगे।  अपने विरोधियों की ओर इशारा करते हुए नीतीश ने कहा कि आज कुछ लोग राज्य के माहौल को बिगाडना चाहते हैं। जान की बाजी लगाकर सांप्रदायिक सौहार्द मेल जोल बनाये रखने का संकल्प लीजिये। उनके नापाक इरादों को ध्वस्त कीजिये। हमने सबकों साथ लेकर चलने की कोशिश की है।  उन्होंने कहा कि शिक्षा पर बिहार राज्य में सर्वाधिक खर्च हो रहा है। बिजली की हालत को सुधारेंगे इसके लिए 15 अगस्त 2012 को झंडोंतोलन समारोह में मैने कहा था कि बिजली की हालत सुधरेगी। नहीं सुधार पाये तो 2015 में वोट नहीं मांगने आएंगे। बिजली शिक्षा सडक की स्थिति बदली है।

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