केजरीवाल के धरने से दिल्ली हलकान

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Tuesday, January 21, 2014-1:06 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार): सोमवार को आम आदमी पार्टी के धरने के चलते लोग 4-7 किलोमीटर पैदल चलकर देरी से अपने दफ्तर पहुंचे और उन्हें पैदल ही घर भी आना पड़ा। केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी समेत लाखों लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे तो हजारों लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर सर्दी में पसीना बहाते रहे।

जिसकी वजह से कभी केजरीवाल के हर आंदोलन में साथ रहने वाले लोग भी उन्हें कोसते दिखे। हालांकि दोपहर बाद 2:14 बजे पटेल चौक तथा रेस कोर्स मैट्रो स्टेशनों को खोल दिया गया, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हुई क्योंकि असल भीड़ तो केंद्रीय सचिवालय तथा उद्योग भवन मैट्रो स्टेशनों पर होती है।

इन मैट्रो स्टेशनों के बंद होने से परिवहन का पूरा दबाव सड़कों पर आ गया। रोहिणी से यहां के नार्थ ब्लॉक में काम करने वाली सुनीता तथा आशा ने कहा कि हम डायबिटीज के मरीज हैं और इतनी दूर पैदल चलना हमारे लिए भारी पड़ रहा है। सरकार जनहित का काम करने के बजाय बेकार के काम में लगी हुई है। वहीं, लक्ष्मी नगर से कृषि भवन में काम करने वाले मनोज व सुधाकर ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमारी समस्याओं को छोड़ लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए हमें फिर से आकर्षित करने में जुट गई है।

अब केंद्र सरकार केजरीवाल की मांग को कितना मानेगी, यह तो वक्त बताएगा लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से आप की साख जरूर खराब हो रही है। इस धरने की वजह से केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पानी के मुद्दे पर पूर्व निर्धारित बैठक भी रद्द कर दी, जबकि इसी मुद्दे पर सरकार सत्ता में आई है।

बंद रहे पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन तथा रेस कोर्स मैट्रो स्टेशनों के आसपास पडऩे वाले दफ्तर योजना भवन, आई.एन.एस., पी.टी.आई., पै्रस क्लब, कृषि भवन, शास्त्री भवन, रेल भवन, संसद भवन, सेना भवन, निर्माण भवन, उद्योग भवन, साउथ ब्लॉक, नार्थ ब्लाक, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री भवन, गोल्फ कार्स, एयरफोर्स भवन, रेड क्रॉस, सड़क एवं परिवाहन मंत्रालय समेत करीब दो दर्जन विभागों के कार्यालय हैं। जहां हर दिन करीब 55-60 हजार कर्मचारी व अधिकारी काम करते हैं।
 


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