अस्थायी कर्मचारियों का दर्द भूले केजरी

  • अस्थायी कर्मचारियों का दर्द भूले केजरी
You Are HereNcr
Tuesday, January 21, 2014-1:56 PM

नई दिल्ली (धनंजय कुमार): जिन हजारों अस्थायी शिक्षकों व कर्मचारियों को स्थायी करने का सब्जबाग दिखाकर आम आदमी पार्टी सत्ता में आई है, सरकार बनने के बाद वह उनके के दर्द को भूला गई है। स्थायी करने की मांग को लेकर दिल्ली सरकार के स्कूलों के हजारों अस्थायी शिक्षक पिछले करीब एक हफ्ते से दिल्ली सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं, जहां से हर रोज मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्रियों की गाडिय़ां गुजरती है।

लेकिन उनकी परेशानी दूर करने बजाय वह अपने मंत्री के आन की खातिर न सिर्फ 4 पुलिसवालों के पीछे पड़े हुए हैं, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी में डाल दिया है। सोमवार को दिल्ली में फैली अराजकता का आलम यह रहा कि लाखों लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे तो हजारों लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर दफ्तर पहुंचे।

दिल्ली सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे अस्थायी शिक्षकों की परेशानी यह है कि दिन भर तो इस उम्मीद में यहां बैठे रहते हैं कि कभी तो उनकी फरियाद सुनी जाएगी और कड़कड़ाती ठंड के बीच रात इस उम्मीद में गुजार देते हैं कि आने वाला सुबह उनके लिए खुशहाली लेकर आएगा लेकिन बेमुरव्वत सरकार का ध्यान इस ओर जाने के बजाय पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करवाने पर है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You