मेघवाल पहले दलित विधानसभा अध्यक्ष बने

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Wednesday, January 22, 2014-4:33 PM

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को अधिवक्ता,विधायक, सांसद और मंत्री सहित विभिन्न क्षेत्रों का अनुभव हासिल है। राजस्थान में पहली बार दलित विधानसभा अध्यक्ष बनने वाले मेघवाल का जन्म 22 मार्च.1934 को उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील के माजावाडा गांव में हुआ था। मेघवाल अविवाहित हैं।
 
एम.ए एवं एलएलबी किए मेघवाल आपातकाल के बाद वर्ष 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार राजसमंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने और उन्हें उद्योग एवं सामाजिक कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया। इसके अलावा उन्हें पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास का स्वतंत्र प्रभार भी दिया गया।

इसके एक साल बाद उन्हें सहकारिता. पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, खान एवं भूगर्भ विभाग भी सौंपा गया। वह वर्ष 1980 में अजमेर पूर्व से दूसरी बार विधायक चुने गए। वह वर्ष 1980 से 1984 तक पब्लिक एकाउंट्स कमिटी के सदस्य रहे। मेघवाल वर्ष 1989 में जालौर संसदीय क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। नौवीं लोकसभा के लिए हुए इन चुनावों में उन्होंने तत्कालीन केन्द्रीय गृह मंत्री बूटा सिंह को हराकर प्रसिद्धी पाई थी। इस दौरान वह पब्लिक एकाउंट्स कमेटी ऑफ पार्लियामेंट एवं कंसलटेटिव कमेटी आफ एमओ आफ कामर्स एण्ड टूरिज्म के सदस्य भी रहे।
 
वह वर्ष 1991 में फिर टोंक जिले के निवाई से विधायक चुने गए और मंत्री बने। इसके बाद वर्ष 1993 के चुनाव में भी भीलवाडा के शाहपुरा से विधायक बने और राज्य के गृह मंत्री बनाये गए। उन्होंने चुनाव, खान आदि अन्य विभागों का काम भी संभाला।  इसके बाद वह तेरहवी लोकसभा के उपचुनाव में टोंक से सांसद चुने गए। उन्होंने राजस्थान के ततकालीन उपमुख्यमंत्री बनवारी लाल बैरवा को हराया। इस दौरान उन्हें केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बनाया गया। मेघवाल वर्ष 2013 में फिर शाहपुरा से विधायक निर्वाचित होकर राज्य में खान मंत्री बने।


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