क्या सरकार दिलाएगी एडमिशन में भ्रष्टाचार से राहत!

  • क्या सरकार दिलाएगी एडमिशन में भ्रष्टाचार से राहत!
You Are HereNational
Saturday, January 25, 2014-1:10 AM

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने शिक्षा में भ्रष्टाचार को अपने घोषणा-पत्र में शामिल किया था। अभिभावकों को आप की सरकार बनने पर शिक्षा में सुधार और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की पूरी आशा थी।

शिक्षा में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार एडमिशन के टाईम समय देखने को मिलता है। चाहे डी.यू. में एडमिशन हो या नर्सरी में, हर जगह भ्रष्टाचार पैर फैलाए हुए है। अब नर्सरी एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है, देखना होगा कि भ्रष्टाचार पर कितना अंकुश लगता है।

नई गाइड लाइन से मिली राहत :
नर्सरी एडमिशन में जारी की गई नई गाइड लाइन से अभिभावकों को बहुत हद तक राहत मिली है । नई गाइड लाइन में प्राइवेट स्कूलों का मैनेजमैंट कोटा समाप्त कर दिया गया है जिससे सामान्य छात्रों के लिए एडमिशन की सीटें बढ़ गई है। पहले इन मैनेजमैंट की सीटों पर एडमिशन के नाम पर डोनेशन का खेल चलता था।

इन मैनेजमैंट सीटों पर डोनेशन के नाम पर अरबों के वारे न्यारे होते थे, जिनकी कोई रसीद अभिभावकों को नहीं दी जाती थी। अब देखना यह है कि अब मैनेजमैंट कोटा समाप्त होने के बाद बढ़ी सीटों पर अभिभावकों को आराम से एडमिशन मिलता है, या इन बढ़ी सीटों पर भी डोनेशन का खेल चलता है।

हालांकि शिक्षा विभाग के मंत्री ने खुद अपने कार्यालय की हैल्पलाइन भी खोली गई है। इस हैल्पलाइन पर अभिभावक फोन कर सकते हैं जिस पर सप्ताह भर में एक्श्न लिया जाएगा। अब धरातल पर यह कितनी कामयाब होती है, यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।

अब डी.यू. एडमिशन पर रहेगी नजर :
दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के समय भ्रष्टाचार अपने शिखर पर होता है। देश भर के छात्र डी.यू. में एडमिशन के लिए आवेदन करते हंै। ऐसे में एडमिशन की मारामारी के बीच जमकर भ्रष्टाचार होता है।

यहां भी रिश्वतबाजी के साथ ही कई अन्य तरह के खेल देखने को मिलते हैं। दलाल भी सक्रिय हो जाते हैं। कॉलेजों के कुछ कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हंै। कहीं-कहीं प्रिंसीपल भी शामिल हो जाते हंै। 

नए निर्देशों से ही होंगे दाखिले :
नर्सरी कक्षा में दाखिले अभी भी नए दिशा-निर्देशों के तहत ही होंगे। शुक्रवार को दिल्ली के निजी स्कूल एसोसिएशन नर्सरी दाखिला प्रक्रिया से जुड़े दिशा-निर्देशों में किए गए बदलाव के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे और कोर्ट ने सुनवाई टालते हुए कहा कि फिलहाल दाखिला प्रक्रिया को चलने दिया जाए और इस मामले में अब अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।

दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमैंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर सी जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों की बात बहुत ध्यान से सुनी और कहा कि फिलहाल मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत ही दा िाला प्रक्रिया को चलने दिया जाए। श्री जैन के मुताबिक कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तिथि तय की है।

पैनल की अनुशंसा लागू करे सरकार :
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह उस पैनल की अनुशंसाओं को लागू करे, जिसका गठन निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस के मामले की जांच के लिए अदालत ने किया था। इस पैनल ने अपनी अनुशंसाओं में लगभग 250 स्कूलों को बढ़ी हुई फीस बच्चों के परिजनों को वापिस देने की बात कही है।

साथ ही इस पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी दिया जाए। न्यायमूर्ति बी.डी.अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार से कहा है कि पैनल ने अपनी चार रिपोर्ट दायर की हैं। यह रिपोर्ट निजी स्कूलों द्वारा छठें वेतन आयोग के बाद बढ़ाई गई फीस की जांच करने के बाद दायर की गई हैं।

ऐसे में सरकार इस पैनल की अनुंशसाओं को लागू करने के लिए स्वतंत्र है। जस्टिस अनिल देव सिंह कमेटी ने कुल 1172 स्कूलों में से लगभग 605 स्कूलों के खातों की जांच की है। जिसके बाद इस कमेटी ने 242 स्कूलों को बढ़ाई हुई फीस वापिस करने के लिए कहा है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You