दिल्ली सरकार मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून की समीक्षा करेगी

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Wednesday, January 29, 2014-3:24 PM

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने शिक्षा को समाज में बेहतर इन्सान बनाने का माध्यम बताते हुए कहा है कि राजधानी में शिक्षा को व्यापार नहीं बननेदिया जाएगा और मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून की समीखा भी की  जाएगी। सिसौदिया ने आज यहां यूनेस्कों को विश्वव्यापी शिक्षा निगरानी रिपोर्ट 2013..2014 जारी करते हुए यह बातकही, इस अवसरपर भारत में यूनेस्को के प्रतिनिधि शिगेरू आओयागी तथा भारत में यूनेस्को के शिक्षा प्रमुख अलीशर यूमारोव भी मौजूद थ। 

सिसौदिया ने कहा कि शिक्षा का काम मानवसं साधननहीं है  बल्कि उसका काम मनुष्य को बेहतर इंसान बनाना है। हमारे समाज में जिसतरह भ्रष्टाचार फैला है। आतंकवाद एवं धर्म तथा जाति के बाडे हैं एवं पर्यावरण जिसतरह बरबाद हो रहा है  उससे साबित होता है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गयी है। उन्होंने कहा कि हम हर साल शिक्षा के बारे में रिपोर्ट पर रिपोर्ट निकालते जा रहे हैं  आंकडे पर आंकडे पेश करते जा रहे है और कार्यक्रम पर कार्यक्रम बनाते जा रहे हैं। लेकिन जाति ् धर्म और क्षेत्रीयता की जडे और गरी होती जा रही हैं तथा आतंकवाद , भ्रष्टाचार  बढता जा रहा है एवं प्रदूषण फैलता जा रहा है।

यहां तक कि हमारे परिवार में संबंध भी बिगडते जा रहे हैं और फेमिली वार्किंग से लेकर ग्लोबल वाॄमग का खतरा पैदा हो रहा है तथा घरों एवं दफ्तरों में भी तनाव बढता जा रहा है, उन्होंने कहा कि चाहे आई.ए.एस हो या क्लर्क, कस्बे के डिग्री कालेज का स्नातक हो या भारतीय प्रबंधन संस्थान का छात्र किसी के बारे में गारंटी नहींहै कि वह भ्रष्ट नहीं बनेगा।


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