गुरुद्वारा कमेटी ने बनाया दबाव

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Thursday, January 30, 2014-12:05 AM

नई दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सिख दंगों पर कांग्रेस के शामिल होने की बात क्या कबूली, समूचा विपक्ष और सिख संगठन टूट पड़ा है। 

दिल्ली  सिख गुरुद्वारा  प्रबंधक कमेटी ने तो कांग्रेस पर पूरी तरह से दबाव बना दिया है। कमेटी ने बुधवार को आक्रामक तेवर दिखाते हुए 1984 सिख कत्लेआम के मामलों की जांच करने के लिए विशेष जांच टीम बनाने की मांग की। वह भी सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में, ताकि सभी केसों की जांच नए सिरे से शुरू करके दोषियों को सजा दी जा सके।

 इसके विरोध में गुरुद्वारा कमेटी वीरवार को कांग्रेस मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगी। कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने नानावती कमीशन की 2005 की रिर्पोट का हवाला देते हुए कहा कि कुल 587 दंगों से संबधित एफ.आई.आर. दिल्ली  में दर्ज हुई थी। जिसमें से 241 केसों को दिल्ली  पुलिस द्वारा साक्ष्य न होने की बात कह कर न्यायलय में कार्यवाही के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया था। 

3,000 सिखों की सरकारी रिकार्ड के अनुसार हत्या होने की बात कहते हुए कांग्रेस पर इन केसों को दबाने का आरोप भी लगाया। संपति एवं वाहनों को जलाये जाने की सैंकडों घटनाओं की सरकारी तंत्र द्वारा पुष्टि ना करने को भी उन्होंने दुर्भाग्यपुर्ण बताया। कांग्रेस के द्वारा किसी प्रकार की माफी मांगने की बात को ठुकराते हुए उन्होंने गुजरात के 2002 के दंगों और 1984 के सिख कत्लेआम के बीच बड़े फर्क को भी प्रभावित किया। रंगनाथ मिश्र आयोग की रिर्पोट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर 1 नवम्बर 1984 को सुबह दिल्ली  में सैना बुला ली जाती तो शायद 3 नवम्बर तक दिल्ली  में जो कत्लेआम हुआ वह रुक सकता था। 

 

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