विशेष राज्य का दर्जा देने को लेकर बिहार के साथ हुआ धोखा: नीतीश

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Monday, February 03, 2014-9:36 AM

लखीसराय: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र की सप्रंग सरकार पर प्रहार करते हुए आज कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मामले में उसके साथ धोखा हुआ है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए लखीसराय में जदयू द्वारा आयोजित संकल्प रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने यह बात कही। नीतीश ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा भीख नहीं अधिकार है। हम संकल्प लेते है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई जीतने तक चैन से नहीं बैठेंगे।

उन्होंने कहा कि विशेष राज्य के दर्जा के लिये एक करोड़ अठारह लाख लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री जी को दिया गया था। पटना के गांधी मैदान एवं दिल्ली के रामलीला मैदान में व्यापक अधिकार रैली हुई। रैली से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री जी ने रघुराम राजन कमिटी गठित की। रघुराम राजन कमिटी के रिपोर्ट के आधार पर बिहार को विशेष राज्य के समान दर्जा प्राप्त होता। नीतीश ने कहा कि पिछले वर्ष 26 नवम्बर को निर्णय होनेवाला था लेकिन केन्द्र ने राजनीतिक कारणों से इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। बिहार के साथ यह धोखा है।

नरेन्द्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने पर उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए जदयू के भाजपा से अलग होने के मामले में नीतीश पर विश्वासघात करने का आरोप लगाये जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वासघात हमने नहीं भाजपा ने किया। नीतीश ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने समाज को जोड़ा है तोड़ा नहीं, हमने कानून का राज कायम किया है। हमारा देश बहुधर्मी और बहुभाषी है और लोगों की अपनी भावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व वही कर सकता है जो सबको साथ लेकर चले। विकास के प्रति सही नजरिया हो। बिहार जैसे पिछड़े राज्य को आगे बढाने का इरादा हो। पिछड़े राज्यों के विकास का नजरिया हो। जो समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलेगा वहीं देश को एक रख सकता है।


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