तीसरे मोर्चे का शोर से मोदी सरकार बनने की इच्छा उतनी बढ़ेगी :जेटली

  • तीसरे मोर्चे का शोर से मोदी सरकार बनने की इच्छा उतनी बढ़ेगी :जेटली
You Are HereNational
Monday, February 03, 2014-11:40 PM
नई दिल्ली : तीसरे मोर्चे की कवाद के मद्देनजर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली ने कहा है कि तीसरा मोर्चा वापस आ गया? तीसरे मोर्चे के विचार को कौन धकेल रहा है? तीसरे मोर्चे के विचार को बढ़ाने वाले प्रमुख खिलाड़ी हैं जदयू और सपा। दोनों ही दल पहचान के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।
 
उन्होंने तीसरे मोर्चे की चर्चा को जदयू और सपा जैसी चुक चुकी  पार्टियों का शोर बताते हुए आज कहा कि यह कोलाहल जितना बढ़ेगा, नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार बनाने की लोगों की इच्छा उतनी ही बलवती होगी।
 
 उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे की एक आवश्यक अपेक्षा यह है कि वह कांग्रेस और भाजपा से बराबर की दूरी वाला हो और जदयू तथा समाजवादी पार्टी ऐसे होने का दावा कैसे कर सकते हैं? जदयू 18 साल तक भाजपा के साथ रहने के साथ हाल तक कांग्रेस से गठजोड़ का प्रयास करती रही। सपा के बूते कांग्रेस नीत संप्रग का दस साल शासन चला।
   
 जेटली के अनुसार, ‘‘तीसरा मोर्चा राजनीतिक विरोधाभास का पिटारा है जिसका समाधान कभी नहीं किया जा सकता है। तीसरे मोर्चे की कोई वैचारिक एकरूपता नहीं है। इसके संभावित दलों की कोई ऐसी बड़ी राजनीतिक उपस्थिति नहीं है जो मोर्चे को स्थिरता प्रदान कर सके।
 
 उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नीत संप्रग के प्रति जनता का पूरी तरह मोह भंग हो जाना एकदम स्पष्ट है। अर्थव्यवस्था को उसकी वर्तमान दुर्दशा से निकालने के लिए विचारों की एकरूपता, निर्णायकता और राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता है और तीसरा मोर्चा इस सब के एकदम विपरीत तस्वीर का प्रतिनिधित्व करता है।
 

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You