‘यदि टाटा, बिड़ला नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कौन करेगा’

  • ‘यदि टाटा, बिड़ला नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कौन करेगा’
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Tuesday, February 04, 2014-10:13 AM

नई दिल्ली: ‘‘यदि टाटा एवं बिड़ला नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कौन करेगा।’’ दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह सवाल पूछते हुए टाटा स्पांज लि. को नियमों के विरूद्ध एक याचिका दाखिल करने के कारण आड़े हाथ लिया। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, ‘‘यदि टाटा एवं बिड़ला नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कौन करेगा। आपकी तारीखों की सूची 25 पृष्ठ लंबी है। यह मुख्य याचिका से भी बड़ी है। यह निश्चित तौर पर उच्च न्यायालय के नियम के विरूद्ध है जिसमें कहा गया है कि तारीखों की सूची पांच पृष्ठ से अधिक नहीं होनी चाहिए।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘यह काम करने का तरीका नहीं है। जब तक इसमें सुधार नहीं किया जाता मैं इसे हाथ नहीं लगाउंगा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मुझे लगभग हर मामले में यह समस्या आ रही है तथा किसी को मिसाल बनाना ही होगा।’’ न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, ‘‘यदि में बड़े मामले को मिसाल बनाता हूं जिसमें रिकार्ड पर एक बड़ा वकील और एक वरिष्ठ वकील हो तो संदेश व्यापक स्तर पर जाएगा।’’ उन्होंने इस मामले पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया।

 

टाटा स्पांज ने केन्द्र सरकार द्वारा ऐसी विभिन्न कंपनियों को भेजे गए एक पत्र के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था जिन्हें कोयला ब्लाक आवंटित किया गया था। इन कंपनियों से कहा गया था कि वह पांच फरवरी तक यह दिखाये कि उन्होंने ब्लाक को परिचालित करने के लिए सभी जरूरी मंजूरी हासिल कर ली हैं।


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